शहर या गांव, Starlink का सबसे ज्यादा फायदा किसे मिलेगा?
Starlink की सर्विस भारत में अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकती है। एलन मस्क की कंपनी ने ज्यादातर परमिशन हासिल कर ली हैं। अब बस कंपनी को हरी झंडी मिलना बाकी है। लंबे वक्त से इसकी चर्चाएं जोरों-शोरों से चल रही हैं।
Starlink की सर्विस उन इलाकों में वरदान साबित हो सकती है, जहां जियो-एयरटेल जैसी कंपनियों के नेटवर्क ढंग से नहीं पहुंच पाते। कुछ लोगों के जेहन में सवाल आ रहा है कि आखिर Starlink ज्यादा कारगर कहां होगा- गांव में या शहर में... आइए इसी सवाल का जवाब कुछ प्वाइंट्स के आधार पर तलाशते हैं।

शहरों में पहले से हाई-स्पीड इंटरनेट
बड़े शहरों में इंटरनेट की कोई कमी नहीं है। यहां 5G सर्विस मौजूद है, कई जगहों पर हाई-स्पीड फाइबर भी मिल रहा है। ऑनलाइन क्लासेस, वर्क फ्रॉम होम, गेमिंग और स्ट्रीमिंग जैसी जरूरतें पहले से ही पूरी हो रही हैं।
ऐसे में शहरों के लिए Starlink एक बैकअप इंटरनेट या फिर प्रीमियम सर्विस की तरह इस्तेमाल होगा।
गांवों में सबसे ज्यादा फायदा
गांव और कस्बों में नेटवर्क की दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं। 4G भी कई बार ठीक से काम नहीं करता और 5G का तो नाम तक नहीं है। यहां स्टारलिंक बड़ा बदलाव ला सकता है।
हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में गेमचेंजर
Starlink की सबसे बड़ी खासियत होगी रिमोट इलाकों तक पहुंच। जिन गांवों में डॉक्टर और अस्पताल नहीं हैं, वहां टेलीमेडिसिन से इलाज संभव होगा।
कीमत बन सकती है चुनौती
गांव-देहात के लोगों के लिए स्टारलिंक की कीमत चुनौती बन सकती है। इसकी कीमत पर सबसे ज्यादा सवाल हैं। हार्डवेयर किट और मंथली सब्सक्रिप्शन गांव के लोगों की जेब पर बोझ डाल सकता है। अगर कीमत का समाधान हो गया तो Starlink का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण भारत को ही होगा। यह डिजिटल इंडिया मिशन को तेजी देगा और गांव-शहर के बीच की डिजिटल खाई को पाटने में अहम रोल निभाएगा।


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