यहां मिलेगा Cashback ऑफर से जुड़े हर कंफ्यूजन का जवाब

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    अगर आप स्मार्टफोन यूजर हैं, तो कैशबैक आपके लिए कोई नया टॉपिक नहीं है यानी कैशबैक के बारे में आप जानते होंगे। आजकल ई-कॉमर्स वेबसाइट से लेकर टेलीकॉम कंपनियों और स्मार्टफोन ब्रांड्स ने भी अपने हैंडसेट पर कैश बैक देना शुरू कर दिया है।

    हालांकि सभी कंपनियां अपनी जरूरतों के हिसाब से इस कैशबैक ऑफर के साथ नियम व शर्तें जोड़ देती हैं। आज कल रिचार्ज करने से लेकर हैंडसेट या किसी प्रॉडक्ट को खरीदने तक पर कैशबैक मिल जाता है।

    यहां मिलेगा Cashback ऑफर से जुड़े हर कंफ्यूजन का जवाब

    अगर आपको भी किसी डील पर कैशबैक मिल रहा है, तो यहां हम इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें आपको बताने जा रहे हैं।

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    क्या होता है कैशबैक ?

    कैशबैक एक तरह का डिजिटल पेमेंट का रिवॉर्ड होता है। जब आप किसी ऑनलाइन वेबसाइट से कोई प्रॉडक्ट खरीदते हैं, तो उसके बदले में कंपनी आपको कुछ पैसा वापिस देती है, जिसे कैशबैक कहा जाता है। ये फिजिकल करंसी नहीं होती है, जो आप को मिलेगी, बल्कि ये एक तरह वर्चुअल करंसी होती है, जिसे आप सामान्य रुपयों की तरह ही इस्तेमाल कर खरीदारी कर सकते हैं। मान लीजिए आपने किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट से 1000 रुपए का सामान लिया और आपको उस पर 100 रुपए कैशबैक मिला तो अगली बार उस वेबसाइट से अगर आप 500 रुपए की खऱीदारी करेंगे, तो आपको 400 रुपए भुगतान करने होंगे और 100 रुपए कैशबैक आप यहां इस्तेमाल कर सकेंगे।

    डिस्काउंट से कितना अलग है कैशबैक ?

    बता दें कि कैशबैक भी एक तरह का डिस्काउंट ही है, जिसे कंपनी अलग तरीके से कस्टमर्स को देती है। डिस्काउंट में डायरेक्ट किसी प्रॉडक्ट से पैसा घटा दिया जाता है। वहीं कैशबैक ऑफर एक खरीदारी यानी ट्रांजेक्शन को दूसरे ट्रांजेक्शन से लिंक करता है और इस तरह विक्रेता को ज्यादा फायदा होता है।

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    कितने पैसे तक बचा सकते हैं ?

    कितने पैसे तक बचा सकते हैं ?

    अगर आपके फोन में कई सारे ई-वॉलेट ऐप हैं और आप उन सब से ट्रांजेक्शन करते हैं, तो 500 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक कैशबैक के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।

    अपने अकाउंट में प्राप्त कैशबैक को ट्रांसफर किया जा सकता है ?

    ज्यादातर कंपनियां कैशबैक ऑफर इसीलिए देती हैं, जिससे कस्टमर्स उनकी ही कंपनी से और ज्यादा खरीदारी करें। हालांकि पेटीएम जैसे कई ऐप पर मिले कैशबैक का इस्तेमाल बिल भरने और रिचार्ज कराने के लिए भी किया जा सकता है। चुनिंदा कंपनियां ही कैशबैक ट्रांसफर करने की सुविधा देती हैं, तो आप किसी को वो कैश भेज सकते हैं।

    कैसे रखे हर कंपनी के कैशबैक ऑफर की जानकारी ?

    अगर आप सभी कंपनियों के कैशबैक ऑफर जानकारी रखना चाहते हैं, तो इन सभी कंपनियों को सोशल मीडिया जैसे ट्विटर फेसबुक पर फॉलो कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा टेलीकॉम वेबसाइट भी इन कैशबैक ऑफर की जानकारी अपडेट करती रहती हैं।

    क्या पेमेंट या ई-वॉलेट ऐप में पहले पैसा डालना होगा ?

    नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है कि आपको सभी ऐप में पहले से ही पैसा डालकर रखरना होगा, लेकिन आपको पेमेंट ऐप और ई-वॉलेट कंपनियां जैसे कि पेटीएम, मोबिक्विक, फ्रीचार्ज, फोनपे, अमेजन पे, साइट्रस (citrus), फ्यूचर पे पर पहले अपना अकाउंट बनाना होगा और इसके बाद खर्च के मुताबिक डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैकिंग, या यूपीआई के जरिए खरीदारी करते समय पैसे डालने होंगे। इन ऐप के जरिए पेमेंट करने पर आपको पे किए गए पैसों में से कुछ कैशबैक के तौर पर मिल जाएगा।

    पेमेंट ऐप या ई-वॉलेट ऐप में जमा पैसे पर ब्याज मिलेगा ?

    बता दें कि ज्यादातर कंपनियां ईवॉलेट में पैसा रखने पर कोई ब्याज नहीं देती हैं, लेकिन इसके बदले यूजर को कैशबैक मिलता रहता है।

    कितने रुपए तक कर सकते हैं जमा ?

    आईबीआई की तरफ से ऐसी कोई गाईडलाइन सामने नहीं आई है। ये उस कंपनी पर निर्भर करता है, जिसे आप ऑनलाइन पेमेंट के लिए चुन रहे हैं। हालांकि आरबीआई के निर्देश के अनुसार 28 फरवरी के बाद से ई-वॉलेट अकाउंट में पैसे लोड करने के लिए केवाईसी फॉर्म भरना होगा। यानी आपको अपनी पहचान बतानी होगी।


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    English summary
    When something seems too good to be true, Moneywise would normally recommend you trust your gut instinct and steer clear. clear your every confusion here about cashback offers.
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