1 नवंबर से बदल गया कॉलिंग का तरीका: अब फोन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम, Jio-Airtel-Vi पर लागू
आज यानी 1 नवंबर से भारत में मोबाइलों पर आने वाली हर इनकमिंग कॉल के साथ कॉलर का रजिस्टर्ड KYC नाम दिखाई देगा। दूरसंचार विभाग (DoT) ने जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल को अपने 4G और नए नेटवर्क पर कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) फीचर चालू करने का निर्देश दिया है। फोन में पहले से सेव कॉन्टैक्ट्स को ही प्राथमिकता मिलेगी। बिना किसी ऐप के फ्रॉड और स्पूफिंग पर लगाम लगाने के मकसद से यह बदलाव किया गया है।
नाम डिस्प्ले के लिए एक सख्त नियम तय किया गया है: सबसे पहले आपका सेव किया हुआ कॉन्टैक्ट ही दिखेगा। अनसेव्ड भारतीय नंबरों के लिए नेटवर्क कॉलर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड वाला नाम दिखाएगा। वहीं, विदेशी कॉल्स पर "International Call" लिखा आएगा। जिन यूजर्स ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) लिया हुआ है, उनका नाम सार्वजनिक नहीं होगा। DoT के 2025 KYC नोट में CNAP के लिए यह प्राथमिकता और छूट साफ तौर पर तय की गई है।

Jio, Airtel और Vi पर CNAP रोलआउट: कहां दिखेगा नाम और क्या हैं अपवाद?
CNAP सुविधा केवल 4G और 5G नेटवर्क पर लागू होगी; पुराने 2G या 3G नेटवर्क इसके दायरे में नहीं हैं। एंड्रॉइड और आईफोन के इन-बिल्ट फोन डायलर में ही यह नाम नजर आएगा। डुअल-सिम फोन में जिस नंबर पर कॉल आएगी, नाम उसी लाइन पर दिखेगा। कंपनियां कागजी जांच के बाद अपना वेरीफाइड "पसंदीदा नाम" दिखा सकेंगी, जिससे उनकी ब्रांड पहचान तो मजबूत होगी लेकिन इसके लिए जरूरी वेरिफिकेशन की जरूरत होगी।
गलत KYC नाम सुधारने और सिम पोर्ट कराने के नियम: Jio, Airtel, Vi यूजर्स के लिए गाइड
अगर आपकी स्क्रीन पर गलत नाम दिख रहा है, तो जरूरी दस्तावेजों के साथ अपनी टेलीकॉम कंपनी के स्टोर जाएं और CAF करेक्शन या ओनरशिप ट्रांसफर के लिए अप्लाई करें। सिम पोर्ट कराने पर नया KYC होता है, जिससे नाम अपने आप अपडेट हो जाता है; ध्यान रखें कि इसके लिए 90-दिन का पोर्टिंग नियम लागू होता है। Vi ने ओनरशिप बदलने का प्रोसेस जारी किया है, वहीं जियो ने MNP की जरूरी शर्तें ऑनलाइन लिस्ट की हैं।
थर्ड-पार्टी कॉलर आईडी ऐप्स के ओवरले CNAP के नाम को छिपा सकते हैं, इसलिए अगर नाम न दिखे तो इन ऐप के पॉप-अप डिसेबल कर दें। स्पैम फिल्टर्स पहले की तरह काम करते रहेंगे, क्योंकि CNAP स्पैम की रेटिंग नहीं करता। जैसा कि ट्रूकॉलर का कहना है, "सिर्फ नाम पता चलने से स्पैम कॉल बंद नहीं होते।" इस हफ्ते देशभर में नेटवर्क रोलआउट के दौरान कुछ शुरुआती तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें और नाम में कोई गड़बड़ी होने पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।


Click it and Unblock the Notifications
