इंसानी दिमाग में लगी ₹83 लाख की चिप, Neuralink के बाद Paradromics का कारनामा!
Neuralink के बारे में आपने जरूर सुना या पढ़ा होगा। यह वही स्टार्टअप है, जिसने मानव दिमाग में चिप लगाकर सबको दंग कर दिया। Elon Musk के इस प्रोजेक्ट ने दुनिया को तो हैरान किया ही, साथ में यह भी संकेत दिया कि ऐसा करना हर किसी के बस की बात नहीं है।
लेकिन रुकिए! अब एक और कंपनी है जिसने न्यूरालिंक को कड़ी चुनौती दी है। इस कंपनी ने कई सालों की रिसर्च के बाद यह कारनामा किया है।

दिमाग में लगाई चिप
दरअसल, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) टेक्नोलॉजी पर काम कर रही अमेरिकी न्यूरोटेक कंपनी Paradromics ने मानव मस्तिष्क में अपना पहला ब्रेन इम्प्लांट लगाया है। कंपनी ने करीब तीन साल की प्री-क्लिनिकल रिसर्च और कड़ी मेहनत के बाद यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
डिवाइस का नाम है 'Connexus'
14 मई को मिशिगन यूनिवर्सिटी के न्यूरोसर्जन डॉ. मैथ्यू विल्सी और डॉ. ओरेन साघेर की अगुवाई में यह इम्प्लांट किया गया। यह प्रक्रिया महज 10 मिनट तक चली, जिसके बाद डिवाइस को सुरक्षित रूप से निकाल भी लिया गया। जिस डिवाइस को मानव दिमाग में लगाया गया है, उसका नाम 'Connexus' है।
यह डिवाइस दिमाग से निकलने वाले न्यूरल सिग्नल्स को स्पीच, टेक्स्ट और कर्सर कंट्रोल जैसे फॉर्मेट में ट्रांसलेट कर सकता है। इसका मकसद उन मरीजों को बोलने और संवाद करने में सक्षम बनाना है जो ALS, स्ट्रोक या रीढ़ की हड्डी की चोटों से जूझ रहे हैं।
किए गए तमाम ट्रायल
Paradromics का यह ब्रेन इम्प्लांट एक मिर्गी सर्जरी के दौरान किया गया, जिससे यह समझा जा सके कि मिर्गी का ब्रेन सिग्नल्स पर क्या प्रभाव होता है। इससे पहले यह तकनीक सिर्फ भेड़ों पर ट्रायल के रूप में प्रयोग की गई थी। कंपनी का दावा है कि जब इसका कमर्शियल लॉन्च होगा, तो यह डिवाइस लगभग $100,000 (करीब 83 लाख रुपये) में उपलब्ध होगी।
क्या है ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI)?
BCI एक ऐसी तकनीक है जो मस्तिष्क और किसी बाहरी डिवाइस (जैसे कंप्यूटर या रोबोट) के बीच डायरेक्ट कम्युनिकेशन की सुविधा देती है। इसका कॉन्सेप्ट 1973 में UCLA के कंप्यूटर वैज्ञानिक जैक्स विडाल ने दिया था। आज, यह तकनीक धीरे-धीरे हकीकत बन रही है।
2003 में Duke यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बंदरों को रोबोटिक आर्म्स कंट्रोल करने में सक्षम बनाया था। 2004 में Matt Nagle नामक एक युवा एथलीट पहला ऐसा व्यक्ति बना जिसने कंप्यूटर कर्सर और प्रोस्थेटिक हाथ को कंट्रोल किया।
Neuralink को सीधी चुनौती
Paradromics का यह सफल ट्रायल Neuralink जैसी दिग्गज कंपनियों को सीधी चुनौती देता है। Neuralink के अभी तक तीन मरीजों को ब्रेन इम्प्लांट लग चुके हैं, लेकिन Paradromics अब तेजी से उस दिशा में बढ़ रही है जहां वह अपनी डिवाइस को कमर्शियल बना सके।
Paradromics इस साल के अंत तक अपने डिवाइस की क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि उसे इस दशक के अंत तक अपने प्रोडक्ट के लिए कमर्शियल अप्रूवल मिल जाएगा।


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