मोबाइल में ये 3 ऐप्स हैं तो तुरंत हटाइए! सरकार की चेतावनी, बैंक अकाउंट मिनटों में हो सकता है खाली
भारत में स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं रह गया है। बैंकिंग, शॉपिंग, ऑफिस का काम, सरकारी सेवाएं-हर चीज़ मोबाइल पर निर्भर हो चुकी है। लेकिन जैसे-जैसे स्मार्टफोन का इस्तेमाल बढ़ा है, वैसे-वैसे ऑनलाइन फ्रॉड, स्पैम कॉल और साइबर क्राइम के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।
यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार समय-समय पर अलर्ट जारी करती रहती है। हाल ही में Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने मोबाइल ऐप्स को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जो हर स्मार्टफोन यूज़र के लिए जानना बेहद जरूरी है।

स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स बन रहे हैं बड़ा खतरा
I4C के मुताबिक, screen-sharing और remote access apps आम यूज़र्स के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। साइबर अपराधी इन ऐप्स का इस्तेमाल जाल बिछाने के लिए कर रहे हैं, जिससे वे रियल-टाइम में आपके स्मार्टफोन पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं।
जैसे ही यूज़र अनजाने में इन ऐप्स को एक्सेस दे देता है, स्कैमर्स फोन में मौजूद हर चीज देख सकते हैं, मैसेज, कॉन्टैक्ट्स, बैंकिंग ऐप्स, यहां तक कि OTP भी। कई मामलों में तो कुछ ही मिनटों में बैंक अकाउंट खाली कर दिया जाता है।
सरकार ने इन 3 ऐप्स को बताया जोखिम भरा
सरकारी अलर्ट में खासतौर पर तीन पॉपुलर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स का जिक्र किया गया है, जिन्हें आम यूजर्स को इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई है।
- AnyDesk
- TeamViewer
- QuickSupport
हालांकि ये ऐप्स असल में टेक्निकल सपोर्ट के लिए बनाए गए हैं, लेकिन साइबर ठग इनका गलत इस्तेमाल कर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं।
स्कैमर्स कैसे फंसाते हैं यूजर्स?
साइबर अपराधी अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर एजेंट या किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते हैं। वे यूजर को डराते हैं, जैसे अकाउंट ब्लॉक होने की धमकी और फिर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करने को कहते हैं।
ऐप इंस्टॉल होते ही स्कैमर बैंकिंग ट्रांजैक्शन लाइव देख सकता है, OTP और पासवर्ड चुरा सकता है, निजी फोटो, मैसेज और डेटा एक्सेस कर सकता है, यूजर की जानकारी बिना बताए पैसे ट्रांसफर कर सकता है और इस तरह कुछ ही मिनटों में भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
स्मार्टफोन यूजर्स को क्या करना चाहिए?
- सरकार ने यूजर्स को सतर्क रहने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं।
- अगर जरूरी न हो तो स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स तुरंत हटाएं
- किसी के कहने पर कोई भी ऐप इंस्टॉल न करें
- ऐप इंस्टॉल करते समय उसकी permissions जरूर जांचें
- OTP, बैंक डिटेल या निजी जानकारी किसी से शेयर न करें
कैसे दर्ज करें शिकायत ?
- अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाएं तो?
- अगर दुर्भाग्यवश आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें।
- www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
सरकार का मकसद है कि बढ़ते साइबर खतरों के बीच भारतीय नागरिक सतर्क रहें और समय रहते सही कदम उठाकर खुद को आर्थिक और डिजिटल नुकसान से बचा सकें। याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपके मोबाइल और बैंक अकाउंट-दोनों को सुरक्षित रख सकती है।


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