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इन 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स को तुरंत कर लें अनइंस्टॉल, नहीं तो चोरी हो जाएगी पर्सनल डिटेल्स

यदि आप भी अपने Android स्मार्टफ़ोन के लिए एक कोई एंटीवायरस ऐप (Antivirus App) की तलाश में हैं, तो कृपया सावधान रहें और कोई वैध ऐप ही इंस्टॉल करें। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने हाल ही में Google Play Store पर मैलवेयर इंस्टॉल करने वाले छह फेक एंटीवायरस ऐप्स (Six Fake Antivirus Apps) का खुलासा किया है जो मैलवेयर ऐप्स हैं।

इन 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स को तुरंत कर लें अनइंस्टॉल, नहीं तो चोरी हो जाएगी पर्सनल डिटेल्स

जल्द से जल्द डिलीट कर दें ये 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स

सिक्योरिटी फर्म चेक प्वाइंट (Check Point) के अनुसार छह ऐप्स में "Antivirus, Super Cleaner," "Center Security - Antivirus" और "Powerfull Cleaner Antivirus" ऐप्स शामिल थे। इसमें "शार्कबॉट" (Sharkbot) नामक एक मैलवेयर स्ट्रेन किया गया, जो आपके लॉगिन क्रेडेंशियल और बैंक अकाउंट की जानकारी चुरा सकता है। इस कारण यदि आपने भी अपने फोन में इन 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स में से किसी एक को भी इंस्टॉल किया है तो उसको अनइंस्टॉल कर लें, अन्यथा आपका डेटा चोरी हो सकता है।

इन 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स को तुरंत कर लें अनइंस्टॉल, नहीं तो चोरी हो जाएगी पर्सनल डिटेल्स

इन ऐप्स को 15,000 से अधिक बार डाउनलोड किया गया और मुख्यतः इटली और यूके के यूजर्स ने डाउनलोड किया है। हालांकि चेक प्वाइंट द्वारा कंपनी को समस्या की सूचना दिए जाने के बाद Google ने सभी छह ऐप्स को हटा दिया।

सभी 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स करते थे ड्रॉपर के रूप में काम

छह ऐप "ड्रॉपर" के रूप में कार्य करके काम करते हैं, जिसका अर्थ है कि वे बाद में फोन पर शार्कबॉट मैलवेयर इंस्टॉल करेंगे। इसके अलावा, मैलवेयर इंस्टॉलेशन केवल चीन, भारत, रोमानिया, रूस, यूक्रेन या बेलारूस जैसे चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों में ही ट्रिगर होगा। इससे यह समझाने में मदद मिल सकती है कि Google Play Store ने ऐप्स की दुर्भावनापूर्ण प्रकृति का पता क्यों नहीं लगाया।

यदि मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, तो शार्कबॉट फोन पर फेक लॉगिन विंडो बनाकर पासवर्ड चुराने की कोशिश करेगा। "जब यूजर्स इन विंडो में क्रेडेंशियल दर्ज करता है, तो उनका डेटा एक कोम्प्रोमाईज्ड सर्वर को भेजा जाता है," चेक प्वाइंट ने एक शोध रिपोर्ट में लिखा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि "Sharkbot चीन, भारत, रोमानिया, रूस, यूक्रेन या बेलारूस के यूजर्स की पहचान करने और उन्हें अनदेखा करने के लिए जियोफेंसिंग फीचर का उपयोग करते हुए, हर संभावित विक्टिम को टारगेट नहीं करता है, बल्कि केवल उन सेलेक्टेड यूजर्स को टारगेट करता है।"

इस मैलवेयर से कई अन्य काम भी शामिल है, जैसे फोन कॉन्टेक्ट्स चुराने की क्षमता, पुश नोटिफिकेशन डिस्प्ले करना और फोन पर अन्य ऐप्स को गुप्त रूप से अनइंस्टॉल करना।

इस तरह यदि आपने भी ऊपर बताये 6 फेक एंटीवायरस ऐप्स में से किसी भी ऐप को इंस्टॉल कर रखा है, तो उसको जल्द से जल्द अनइंस्टॉल कर दें, अन्यथा आपके लिए यह मुसीबत का कारण बन सकते हैं और आपकी डिटेल्स चोरी हो सकती है।

कोई भी ऐप इंस्टॉल करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मैलवेयर से बचने के लिए आपको कई बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि ये काफी खतरनाक होते है।

इसलिए गूगल प्ले स्टोर से कोई भी ऐप को डाउनलोड करते समय पहले उसके रेटिंग्स और रिव्यू जरूर पढ़ लें। इसके अलावा आपको डेवलपर पेज भी जरूर देख लेना चाहिए। तथा किसी भी APK लिंक से ऐप को इन्स्टाल न करें।

 
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English summary
Delete These 6 Fake Antivirus Apps, Otherwise, Your Personal Details Can Be Stolen
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