6 सेकेंड में हैक हो सकता है आपका क्रेडिट और डेबिट कार्ड
एक रिसर्च के अनुसार, हैकर्स को किसी भी क्रेडिट और डेबिट कार्ड को हैक करने में मात्र 6 सेकेंड का समय लग सकता है, अगर आपसे चूक होती है।
हैकिंग की कई सारी घटनाएं सामने आने पर कुछ साइंटिस्ट ने अपना मत रखा और कहा कि इस प्रक्रिया में हैकर्स को मात्र 6 सेकेंड का समय लगता है जिसमें वह कस्टमर के कार्ड की संख्या, सीवी संख्या और अन्य जानकारियों को हासिल कर लेता है। इतने ही समय में उसे सिक्योरिटी कोड का पता भी चल जाता है।

यूके में न्यूकासल यूनिवर्सिटी के कुछ शोधकर्ताओं ने एक प्रयास में वीज़ा पेमेंट सिस्टम को लेकर एक रिसर्च की और इसके अंतर्गत उन्होंने बैंकों की प्रणाली के जरिए आसानी से कस्टमर के निजी खातों तक पहुँच बना ली थी। हालांकि, यह पूरी तरह सुरक्षित प्रणाली थी जिसमें किसी भी प्रकार के ग्राहक को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ और न ही उनकी सूचना को उजागर किया गया।
वहीं परिणामस्वरूप, जब साइबर क्रिमिनल्स ने मल्टीपल इनवैलिड अटैम्प को ट्राई किया ताकि कस्टमर की जानकारी को हासिल किया जा सके तो उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। इस बारे में रिसर्च में शामिल हुए पीएचडी छात्र मोहम्मद अली ने कहा कि करंट ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम, विभिन्न वेबसाइट से मल्टीपल इनवैलिड पेमेंट रिक्वेस्ट को डिटेक्ट नहीं कर पाता है। यह, प्रत्येक वेबसाइट पर, आमतौर पर 10 से 20 अनुमानों के आधार पर, कई प्रयासों को अनुमति देते हुए प्रत्येक कार्ड डेटा फील्ड पर अनलिमिटेड अनुमान को अनुमति दे देता है।

इसके अलावा, वे कहते हैं कि विभिन्न वेबसाइट, ऑनलाइन खरीददारी की वैधता के लिए कार्ड डेटा फील्ड को भरने के लिए विभिन्न वेरिएशन के लिए पूछते हैं।
इसका मतलब साफ है कि एक जिगशॉ की तरह आसानी से इन जानकारियों को बटोरा जा सकता है। अनलिमिटेड गैस लगाकर इन वेबसाइट से एक-एक करके जानकारियों को कलेक्ट किया जा सकता है और उन्हें एक फ्रेम में सेट करके किसी भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड की सिक्योरिटी को क्रेक किया जा सकता है।
इस रिसर्च रिर्पोट के अनुसार, वीजा नेटवर्क में यह आसानी से किया जा सकता है यानि जो लोग वीज़ा नेटवर्क यूजर है उन्हें बेहद सावधान और सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन बातों का रखें...
फेक साइटों से बचें
ऑनलाइन शापिंग का सबसे बड़ा फायदा होता है एमआरपी कीमत से कम रेट में सामान मिलना साथ ही बाजार जाने का झंझट भी नहीं ऐसे में ज्यादा बचत करने के चक्कर में कभी भी ऐसी साइट में न जाएं जिसके बारे में आपको कोई जानकारी न हो। क्योंकि इंटरनेट में कई ऐसी फेक वेबसाइटें है जो आकर्षक ऑफरों के चक्कर में लोगों को बेवकूफ बनाती है।
सही प्रोडेक्ट चुनें
जब भी कोई प्रोडेक्ट ऑनलाइन खरीदें तो उस प्रोडेक्ट से जुड़ी सारी जानकारी ले लें जैसे वारंटी या फिर सर्विस सेंटर डीटेल, साथ में फ्री एसेसरीज की जानकारी इसके अलावा उस प्रोडेक्ट से जुड़ी जानकारी पूछने के लिए अगर कोई मेल आईडी दी गई है तो उसे कहीं पर नोट कर लें।
पता और फोन नंबर सेव कर लें
प्रोडेक्ट को जब भी ऑनलाइन बुक करें उसका कोड और ईमेल कनर्फमेंशन के अलावा अगर वो किसी थर्ड पार्टी वेंडर द्वारा बेचा जा रहा है तो उसका पता अपने पास जरूर रखें क्योंकि कभी कभी साइटें थर्ड पार्टी की सर्विस का हवाला दे कर अपना पल्ला झाड़ लेती है।
प्रोडेक्ट आने के बाद चेक कर लें
साइट में प्रोडेक्ट देखने में हमेशा अच्छा ही लगता है इसलिए उसे हर तरफ से जांच अच्छी तरह जांच लें और देखे लें कि आपने जो भी प्रोडेक्ट बुक किया है। आपको वहीं डीलीवर हो वैसे पॉपुलर साइटों में प्रोडेक्ट एवेलेबिल्टी से जुड़ी सभी जानकारी दी गई होती है।
सर्विस जरूरी है
आप शापिंग किसी भी साइट से करें लेकिन अपने दोस्तों और जान पहचान वालों से साइट की सर्विस के बारे में जान लें ताकि कहीं ऐसा न हो कि आपके शहर में उस साइट की सर्विस एवलेबल ही न हो और आपका प्रोडेक्ट फंस जाए।
बिल पेमेंट करते समय ध्यान रखें
जब भी आप बैंक से प्रोडेक्ट का बिल पेंमेंट करें उस बिल के बारे में सारी जानकारी कर लें क्योंकि बैंक आपकी परमीशन कि बिना कभी भी अपने मन से पेमेंट नहीं करेगी।
जल्दबाजी न करें
बैंक पेमेंट करते समय कभी भी क्रेडिट का नंबर पहले न डालें जब प्रोडेक्ट की सभी जानकारी भर लें तभी बैंक से जुड़ी सारी जानकारी भरें।


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