विश्व की इस महान महिला गणितज्ञ को आप जानते हैं...?
क्या आपने आज गूगल का डूडल देखा है...? आज गूगल ने अपना एक खास डूडल बनाया है। इस डूडल के जरिए गूगल ने दुनिया के एक बहुत बड़े गणितज्ञ को याद किया है। यह एक रशियन गणितज्ञ हैं। इनका नाम ओल्गा लेडिजेनस्काया है। उनका जन्म सन् 1922 में आज ही के दिन यानि 7 मार्च को हुआ था। आइए उनके बारे में आपको कुछ विशेष जानकारी देते हैं।

ओल्गा को पार्शियल डिफरेंशल इक्वेशंस और फ्लुइड डायनमिक्स के लिए याद किया जाता है। आज के दौर में विद्यार्थी गणित में पार्शियल डिफरेंशल इक्वेशंस और फ्लुइड डायनमिक्स के बारे में पढ़ते हैं, जिसका अविष्कार ओल्गा लेडिजेनस्काया ने ही किया था। आपको बता दें कि ओल्गा लेडिजेनस्काया के गणितज्ञ खोच की मदद से आज के दौर में वैज्ञानिक पूर्वानुमान कर पाते हैं। उनके द्वारा खोजी गई इक्वेशंस की मदद से वैज्ञानिकों को ओशियनोग्रफी, एयरोडायनमिक्स और मौसम के पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में काफी मदद मिलती है।

गणित के छात्र आज के डूडल को देखकर समझ गए होंगे कि उसमें क्या खास है। दरअसल आज के डूडल में ओल्गा लेडिजेनस्काया की एक तस्वीर के साथ उनके द्वारा निजात की गई इक्वेशन और फ्लुइड डायनमिक्स को दर्शाया गया है। आपको बता दें कि ओल्गा के पिता भी गणितज्ञ थे, उनके पिता गर्मी की छुट्टियों में उन्हें गणित पढ़ाया करते थे। जिसकी वजह से ओल्गा को भी गणित में विशेष रूचि होने लगी। इस वजह से ओल्गा हमेशा अपने गणितज्ञ होने का मुख्य श्रेय अपने पिता को दिया करती थीं।
ओल्गा के बचपन की बात करें तो वो बहुत कठिनाईयों से भरी हुई थी। ओल्गा के पिता का देहांत उनके बचपन में ही हो गई थी। जिसके बाद उन्हें आगे बढ़ने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन वो अपने मेहनत के बल-बूते पर आगे बढ़ीं और अपनी पढ़ाई पूरी की। उनकी मेहनत की वजह से ही उन्हें स्टेकलोव इंस्टीट्यूट में पढ़ाने और रिसर्च करने का मौका भी मिला।

आपको बता दें कि ओल्गा उस दौर में महान गणितज्ञ रहे चुके इवान पेट्रोव्स्की की स्टूडेंट रही थीं। जिस वजह से उनके गणित के ज्ञान में चार चांद लग गए थे। क्या आपने गणित में नेवियर-स्टोक्स समीकरण को फाइनाइट डिफरेंस मेथड से सोल्व किया है या कभी इसके बारे में सुना है। अगर आप गणित से जुड़े होंगे तो जरूर सुना होगा। ओल्गा ने ही दुनिया में पहली बार नेवियर-स्टोक्स समीकरण को फाइनाइट डिफरेंस मेथड से हल किया था। गणित और फ्लुइड डायनमिक्स में ओल्गा के बेहद सराहणीय कामों के लिए उन्हें साल 2002 में लोमोनोसोव गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। जिसके बाद साल 2004 में उनकी मृत्यू हो गई थी। उन्हें आज भी महान गणितज्ञ के तौर पर पूरी दुनिया में याद किया जाता है।


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