भूल से भी न करें Facebook पर भ्रामक और झूठी पोस्टें, वरना होगी कार्रवाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook ने कहा है कि कोई व्यक्ति या कंपनी प्लेटफॉर्म पर अगर बार-बार गलत जानकारी वाले पोस्ट या भ्रामक पोस्ट शेयर करता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसी कारण फरवरी में भारत सरकार ने सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर शेयर की किए जा रहे कंटेन्ट को रेगुलेट करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाये है।
जबकि व्हाट्सएप ने सरकार पर मुकदमा भी दायर किया क्योंकि नए नियम यूजर्स के प्राइवेसी के अधिकार को कमजोर करते हुए उनकी 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' नीति को तोड़ देंगे।

व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम के मालिक फेसबुक ने अब गलत सूचना के खतरे से निपटने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में, मार्क जुकरबर्ग की अगुवाई वाली कंपनी ने कहा कि वह यूजर्स और पेजों के खिलाफ बार-बार गलत जानकारी शेयर करने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, चाहे वह कोविड-19 वैक्सीन, चुनाव या जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भ्रामक सामग्री हो।
बार-बार गलत जानकारी पोस्ट करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
फेसबुक ने कहा कि वह फेक न्यूज के सीरियल क्रिमिनल्स की पहुंच को कम करेगा। इन फ़ेसबुक अकाउंट्स से न्यूज़फ़ीड में सभी पोस्ट का वितरण, चाहे वह किसी व्यक्ति का हो या पेज, कम हो जाएगा यदि वे ऐसा कांटेंट शेयर करते हैं जो बिना तथ्यों का झूठा होता है।
यूजर्स को दिखेगा पॉप अप
यूजर्स को अब एक पॉप-अप मिलेगा यदि वे किसी ऐसे पेज पर जाते हैं जिसके कंटेन्ट को बार-बार फैक्ट चेकर्स द्वारा रेट किया गया है ताकि उन्हें लाइक या फॉलो करने से पहले चेतावनी दी जा सके। यूजर्स उस सामग्री के बारे में अधिक जान सकते हैं जिसे फैक्ट चेकर्स ने पहले मार्क किया है और फैक्ट चेक प्रोग्राम के बारे में अधिक जानकारी के लिए लिंक भी मिलेगी जहां से वो और कुछ पढ़ सकते है।
इस प्रकार आने वाले दिनों में अगर कोई व्यक्ति बिना जाँचें और पढ़े बिना कोई पोस्ट करता है और वो अगर खबर गलत निकल जाती है तो फेसबुक उस यूजर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती है।


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