Scam Se Bacho: डिजिटल स्कैम पर लगेगी लगाम; DoT और WhatsApp की पार्टनरशिप से होगा बदलाव
Scam Se Bacho Campaign: बीते कुछ सालों में टेक्नोलॉजी तेजी से विकसित हुई है, ऐसे में जहां एक तरह डिजिटलाइजेशन ने देश को नई दिशा दिखाई है, वहीं स्कैमर्स नई टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करके लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। इसके कारण भारत में ऑनलाइन स्कैम और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।
इस समस्या को दूर करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने WhatsApp के साथ मिलकर 'Scam Se Bacho' कैंपेन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। बता दें कि इस कैंपेन की शुरुआत WhatsApp की पेरेंट कंपनी Meta ने की है, ताकि यूजर्स को ऑनलाइन स्कैम और स्पैम मैसेज से बचने के लिए जागरूक किया जा सके। इसके तहत अलग-अलग एक्टिविटी की जाएगी और वर्कशॉप्स आयोजित किए जाएंगी, जिससे लोगों को डिजिटल सिक्योरिटी के लिए अलर्ट और अवेयर किया जा सके।

DoT ने की Meta के साथ मीटिंग
- Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर, जोएल कापलान (Joel Kaplan) ने सेंट्रल टेलीकॉम मिनिस्टर और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की।
- इस मीटिंग में DoT और Meta के बीच पार्टनरशिप को लेकर बात की गई। साथ ही इस बात पर भी विचार किया गया कि इसका प्रभाव कैसा पड़ रहा है और इसे और प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है।
इन पहलुओं पर हुई चर्चा
- बेहतर प्रभाव के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत DoT के ऑफिसर्स, संचार मित्रों, टेलीकॉम सर्विस ऑपरेटर्स (TSPs) और अन्य रिजनल यूनिट को ट्रेन किया जाएगा।
- इन ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए इन लोगों को बताया जाएगा कि वे कैसे साइबर क्राइम की पहचान कर सकते हैं और उनसे कैसे बच सकते हैं।
कैसे काम करेगी नई पहल?
- DoT और WhatsApp मिलकर Sanchar Saathi पोर्टल को बेहतर बनाने और बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।
- इस पोर्टल की मदद से लोग स्कैम वाले कॉल/मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं।
- इसके अलावा आप अपने मोबाइल नंबर की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- इसके साथ ही आप खोए/चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक व ब्लॉक कर सकते हैं।
WhatsApp कैसे होगा मददगार?
- अब सवाल उठता है कि इसमें वॉट्सऐप कैसे मददगार होगा? आपको बता दें कि WhatsApp, DoT के साथ मिलकर ऑनलाइन स्कैम की पहचान और रिपोर्ट करने जुड़ी जानकारी को लोगों तक पहुंचाएगा।
- इसका काम है कि ये जानकारी को सरल भाषा में लोगों को उपलब्ध कराए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे समझ सकें और सुरक्षित रह सकें।
- खास बात है कि इस कैंपेन के तहत मिलने वाली जानकारी को कई अलग-अलग रीजनल लैंग्वेज में ट्रांसलेट किया जा सकता है।
- इनमें हिंदी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और गुजराती जैसी भाषाएं शामिल हैं।
क्या कह रहे मंत्री और अधिकारी?
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस साझेदारी पर कहा कि भारत डिजिटल चेंज की तरह तेजी से आगे बढ़ रहा है और नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना हमारे लिए सबसे ज्यादा जरूरी काम है। Meta के साथ हमारी यह पार्टनरशिप लोगों को स्कैम से बचाने और साइबर खतरों से सुरक्षा देने की दिशा में एक जरूरी कदम है। ऐसे में WhatsApp के विशाल डिजिटल नेटवर्क का लाभ उठाकर हम अपने डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित और मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर, जोएल कापलान ने कहा कि सबसे अच्छा तरीका जिससे हम लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा सकते हैं, वह यह है कि हम उन्हें सही जानकारी दें। यही कारण है कि Meta तकनीक और संसाधनों में निवेश करता है ताकि स्कैमर्स को रोका जा सके।


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