सर्वोच्च न्यायालय के आधार पर डीओटी जल्द करेगा दिशानिर्देश जारी: मनोज सिन्हा

    मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन किया है। वहीं जल्द ही इन दिशानिर्देशों के बाद निर्णय लिया जाएगा। जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा के साथ अदालत के फैसले का पालन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से अनुसूचित जाति के आदेश का सम्मान करेगी। साथ ही कानूनी अधिकार के तहत, सरकार उपभोक्ताओं का भी ख्याल रखेगी।

    सर्वोच्च न्यायालय के आधार पर डीओटी जल्द करेगा दिशानिर्देश जारी: मनोज सिन्हा

    कुछ हफ्ते पहले, चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशीय संविधान खंडपीठ ने कुछ संशोधनों के साथ आधार की वैधता पर निर्णय दिया था। फैसला सुनाते हुए अदालत ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते के साथ आधार जोड़ने के लिए अनिवार्य रूप से सरकार के फैसले को उलट दिया था। यानि अब इन चीजों के लिए आधार को जोड़ने की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।

    आधार पर दूरसंचार मंत्री का बयान

    बता दें, आधार पर 31 याचिकाओं को चुनौती दी गई थी कि, आधार ने नागरिकों की गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन किया है। हालांकि, पैन कार्ड के साथ आधार जोड़ने और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार के इस्तेमाल को अभी भी अनिवार्य रखा गया है। न्यायमूर्ति चंद्रचुद ने कहा था कि आधार को एकत्रित किए गए आंकड़ों के आधार पर लोगों की पर्सनल जानकारी का जोखिम होता है। साथ ही इसका दुरुपयोग आसानी से किया जा सकता है। अदालत के फैसले के अनुसार आधार गोपनीयता अधिकारों का भी उल्लंघन करता है, क्योंकि इससे मतदाताओं और व्यक्तियों की प्रोफाइलिंग जुड़ी हो सकती है।

    दूरसंचार कंपनियों को भी रखा दूर

    वहीं, दूरसंचार ऑपरेटरों और अन्य निजी संस्थाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आधार के 12 अंकों के अद्वितीय कोड को प्रमाणीकृत ग्राहक के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि दूरसंचार ऑपरेटरों ने पहले से ही कहा है कि वे डीओटी से दिशानिर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। सिन्हा के बयान के बाद, ऐसा लगता है कि निर्देश जल्द ही घोषित कर दिए जाएंगे। ईटी द्वारा साझा की गई संख्या के अनुसार, भारत में 800 मिलियन से अधिक मोबाइल फोन ग्राहक हैं।

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    वहीं, इनमें से 970 मिलियन बैंक खाते हैं। जिनमें से लगभग 610 मिलियन पहले ही आधार से जुड़े हुए हैं। वहीं, आधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बैंको और डाकघरों में चल रही प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण का कहना है कि आधार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश से बैंकों, डाकघरों और सरकारी परिसरों में चल रहे आधार नामांकन और अपडेशन की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें, बैंक खाते खोलने के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। लेकिन बैंकों और डाकघरों में चल रहे आधार नामांकन और उनमें ताजा जानकारी जोड़ने की गतिविधियां चलती रहेंगी।

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    English summary
    Addressing a press conference on Tuesday, Telecom Minister Manoj Sinha told reporters that the Department of Telecom (DoT) has studied the Supreme Court decision on Aadhar card. Soon after these guidelines, the decision will be taken. Which adheres to the court's decision with the safety of consumers.
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