इंतजार खत्म! Starlink ला रहा भारत में तूफानी इंटरनेट, एक महीने का खर्च सिर्फ इतना
स्पेस टेक्नोलॉजी और ब्रॉडबैंड इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचाने आ रही है एलन मस्क की कंपनी Starlink, जिसे भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए GMPCS लाइसेंस मिलने जा रहा है। जी हां, करीब तीन से चार साल की लंबी इंतजार और सरकारी पेचदगियों से गुजरने के बाद अब Starlink को हरी झंडी मिलने वाली है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने Starlink की लाइसेंस अर्जी को मंजूरी दे दी है और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) की ओर से कंपनी को Letter of Intent (LoI) भी 7 मई को जारी कर दिया गया है।

अब खबर है कि Starlink के प्रतिनिधि जल्द ही राजधानी दिल्ली पहुंचने वाले हैं ताकि GMPCS लाइसेंस के अंतिम कागजी काम को पूरा किया जा सके।
सुरक्षा पहले, इंटरनेट बाद में!
Starlink को लाइसेंस मिलने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा था- भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा। लेकिन कंपनी ने सरकार द्वारा लगाए गए सख्त सुरक्षा मानकों को भी स्वीकार कर लिया है। इसमें इंटरसेप्शन सिस्टम बनाना और भारत में कंट्रोल सेंटर स्थापित करना शामिल है, ताकि देश की सुरक्षा में कोई सेंध न लगे।
IN-SPACe की मुहर बाकी
अब अगला पड़ाव है IN-SPACe से अंतिम मंजूरी लेना, जो भारत की स्पेस नीति के तहत जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, IN-SPACe की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है और जल्दी ही इंटर-मिनिस्ट्री कमेटी से हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
जियो और एयरटेल से मुकाबला तय!
Starlink की एंट्री के साथ अब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट का महायुद्ध शुरू होने वाला है। जियो और एयरटेल भी इसी रेस में हैं और सरकार ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की नीलामी और चार्जेस को लेकर भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
TRAI ने 9 मई को अपने सुझाव DoT को भेज दिए हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में भारत में फास्ट, सस्ता और दूर-दराज इलाकों तक पहुंचने वाला सैटेलाइट इंटरनेट एक हकीकत बनने वाला है।

स्टारलिंक का मंथली प्लान कितने रुपये का
स्टारलिंक का मंथली प्लान कितने रुपये में लॉन्च किया जाएगा। इसके बारे में कंपनी ने कुछ नहीं कहा है, लेकिन द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी भारत में 10 डॉलर यानी लगभग 840 रुपये में अपनी सर्विस लॉन्च कर सकती है।


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