'ई-ताल' डैश बोर्ड देगा पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी
संचार एवं सूचना तकनीकी मंत्रालय के विद्युत एवं सूचना तकनीकी विभाग ने शुक्रवार को विभिन्न राज्यों और सरकार के विभिन्न स्तरों पर प्रदान की जाने वाली ई-सेवाओं के वास्तविक समय की सारी जानकारी के लिए ई-ताल डैश बोर्ड की शुरुआत की। ई-ताल राष्ट्रीय महत्व की परियोजना जैसे कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना (एनईजीपी) के अंतर्गत आने वाले 31 मिशन मोड परियोजना (एमएमपीएस) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब तक लागू की गई सभी ई-गवर्नेस एप्लिकेशंस की समग्र जानकारी उपलब्ध कराता है और वेव सेवा तकनीक के प्रयोग से स्वचालित रूप से ई-ताल कंप्यूटर पर होने वाली जानकारी प्राप्त कर लेता है।
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यह डैश बोर्ड लेनदेन सौदों के डेटा के तीव्र विश्लेषण सुविधा में प्रदान करता है, साथ ही इसमें रेखीय रूप से एप्लिकेशंन साफ्टवेयर की निजता, सुरक्षा और एकत्वता से कोई समझौता किए बिना इस सेवा का लाभ उठाने वाला छोटी से छोटी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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ई-ताल जनवरी 2013 से देशभर में कार्य कर रहा है। 21 केंद्रीय मंत्रालयों से 2267 ई-सेवाएं और सभी राज्यों केंद्र शासित प्रदेश, जो इस डैश बोर्ड से जुड़े हुए हैं, वहां 28 फरवरी, 2013 तक 286 करोड़ ई-सेवा दर्ज की गई है। अपनी लेन-देन को ई-ताल सेवा से जोड़ने वाले प्रमुख राज्य है गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा।
आयकर (आईटी) एमसीए 21, पासपोर्ट, प्रवास, वीजा और विदेशी पंजीकरण एवं उनसे संबंधित जानकारी (आईवीएफआरटी), पेंशन, कृषि, वाणिज्य कर, ई-जिला, रोजगार पंजीकरण, भूमि अभिलेख, निगम, ग्राम पंचायतें, सड़क परिवहन, कोष, सीएससी, डीजीएफटी, ई-न्यायालय, ई-सरकारी खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) सहित सभी 19 एमएमपीएस ई-ताल से संबंधित है।


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