इमरजेंसी के दौरान मदद कर सकता है फेसबुक
सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे फेसबुक का इस्तेमाल छात्रों द्वारा संटकाल के समय किया जा सकता है और इसके माध्यम से सूचना देकर संबंधित व्यक्ति से मदद ली जा सकती है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। चूंकि छात्र हर समय फेसबुक के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े रहते हैं, इसलिए इसके द्वारा संकटकाल की उन्हें सूचना देना आसान है।
इंडिया की तीसरी सबसे पॉपुलर ऐप बनी "ओपेरा मिनी"
कारोबारी माहौल में भी इसी तरह का फायदा उठाया जा सकता है। बीते दो दशकों के दौरान आपराधिक घटनाएं जैसे स्कूल कैंपस में गोलीबारी, शोषण तथा लूट एवं प्राकृतिक आपदा तथा बीमारियों के प्रकोप की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसने छात्रों तथा कर्मियों को जोखिम में डाल दिया है।

न्यूयॉर्क स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ बुफैलो के वेनसूई हान ने कहा, "इस स्थिति में कैंपस अधिकारियों को ऐसे जगहों पर प्रतिक्रिया योजना बनाने की जरूरत है और मोबाइल संपर्क के कारण इसमें सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।"
गूगल बना रहा है बच्चों के लिए यू-ट्यूब और क्रोम
हालांकि, कैंपस अधिकारी छात्रों के साथ रेडियो या टेलीविजन के माध्यम से जुड़े रहते हैं, लेकिन इनकी अपनी एक सीमा है, जिसे सोशल नेटवर्किं ग साइट्स द्वारा दूर किया जा सकता है। फेसबुक तथा ट्विटर के माध्यम से छात्रों से जुड़े रहना सस्ता भी है। यह अध्ययन पत्रिका 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ बिननेस इंफॉर्मेशन सिस्टम' में प्रकाशित हुआ है।


Click it and Unblock the Notifications







