फेसबुक बीमार कर रहा है आपके दिमाग को ?

Posted By:

    यदि आप दिन भर इंटरनेट के माध्‍यम से कंप्‍यूटर या मोबाइल पर फेसबुक पर एक्टिव रहते हैं, तो हो जाइये सावधान! जी हां क्‍योंकि फेसबुक, ट्विटर जैसी अन्‍य सोशल नेट‍वर्किंग वेबसाइट आपको मानसिक बीमारी दे सकती हैं। पागल भी कर सकती हैं। यह बात हम नहीं बल्कि वैज्ञानिक कह रहे हैं। इजरायल के शोधपत्र में प्रकाशित एक ताज़ा रिसर्च में पता चला है कि फेसबुक पर जिस तरह आप अनदेखे लोगों के साथ एक रिलेशन बना लेते हैं।

    दिन-दिन भर अपडेट रहने की कोशिश में रहते हैं, लोगों के पोस्‍ट पर कमेंट करना, लाइक करना और फिर अपने पोस्‍ट पर होने वाले लाइक व कमेंट का जवाब देना। ये सभी देखने में तो बड़े अच्‍छे लगते हैं, लेकिन निरंतर ऐसा करने पर यह व्‍यक्ति को मानसिक रोगी बना देती हैं।

    फेसबुक बीमार कर रहा है आपके दिमाग को ?

    शलवटा मेंटल हेल्‍थ केयर सेंटर द्वारा यह अध्‍ययन डा. निटजैन ने किया है, जो अवीव विश्‍वविद्यालय में फेकल्‍टी मेंबर हैं। उन्‍होंने कहा कि निरंतर लोगों के साथ फेसबुक पर चैट करने वा एक्टिव रहने से आपके मन में हमेशा एक बात बनी रहेगी कि सामने वाला नाराज न हो जाये, अगर नाराज होता है तो आप मनाने लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ अलग-अलग प्रकार के कमेंट आपके लिये आते हैं, तो आप कई बार दिल से ले लेते हैं।

    फिर कमेंट की सीरीज चल पड़ती है। इस तरह से विचारों का एक जाल आपके दिमाग में बनने लगता है, जो वर्चुअल रिलेशनशिप के कारण बना है। फिर जब आप फेसबुक से बाहर आते हैं, तो अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। दुनिया बहुत छोटी लगने लगती है। दुनिया छोटी लगने के कारण कभी-कभी आपका व्‍यवहार दूसरों पर चढ़ जाने वाला हो जाता है।

    इस वजह से वास्‍तव में जो लोग आपके सामने हैं, वो आपसे दूरियां बनाने लगते हैं या फिर चार बातें सुनाने लगते हैं। फिर जब आपके निजी या व्‍यवसायिक कार्यों में छोटी सी समस्‍या भी आ खड़ी होती है, तो आप परेशान हो जाते हैं और झल्‍लाने लगते हैं। डा. निटजैन ने कहा कि यही कारण है कि फैसबुक पर ज्‍यादा ऐक्टिव रहने से व्‍यक्ति के करियर पर भी प्रभाव पड़ता है।

    Opinion Poll

    पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Gizbot sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Gizbot website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more