किसी टीचर से कम नहीं है फेसबुक

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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक आपके बच्चों के लिए पूरी तरह से बुरा नहीं है। एक अध्ययन के मुताबिक, फेसबुक समूह को समाजशास्त्र कक्षा के तौर पर प्रयोग करने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों ने पाठ्यक्रम असाइनमेंट बेहतर तरीके से किए और अपनेपन की मजबूत भावना का एहसास किया। बेलर यूनिर्सिटी के कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में समाजशास्त्र के सहायक प्रोफेसर केविन डोगेर्टी ने बताया, "हालांकि कुछ शिक्षक चिंतित हो सकते हैं कि सोशल मीडिया असल शिक्षा से छात्रों का ध्यान हटाती है, लेकिन हमने पाया फेसबुक समूह ने छात्रों को अज्ञात दर्शक से सक्रिय शिक्षार्थियों में बदलने में मदद की।

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बेलर यूनिवर्सिटी की ब्रिटा एंडरचेक ने बताया, "अध्ययन का संबंध बड़ी कक्षाओं को पढ़ाने की चुनौती से है जो कि उच्च शिक्षा के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। शोध में बेलर ने समाजशास्त्र की परिचयात्मक कक्षा के 218 छात्रों पर धयान दिया। अध्ययन के तहत शिक्षक और छात्र दोनों ही फेसबुक समूह पर विषयों की चर्चा करते थे।

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किसी टीचर से कम नहीं है फेसबुक

शिक्षकों ने इस फेसबुक समूह में विषय से संबंधित चर्चा के प्रश्न, पाठ्य सामग्रियों के ऑनलाइन लिंक, तस्वीरें और वीडियो साझा किए। छात्रों ने पाठ्यक्रम के विषय से संबंधित अपने खुद के वीडियो और तस्वीरें साझा की। प्रश्नों की चर्चा में शामिल हुए और प्रश्नों और समस्याओं के समाधान भी मांगे। डोगेर्टी ने बताया, "हमने बार-बार देखा कि छात्र फेसबुक समूह पर एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं।

'टीचिंग सोशियोलॉजी' शोधपत्र में प्रकाशित इस अध्ययन में डोगेर्टी ने बताया, "इससे छात्र एक दूसरे से और विषय से कभी भी और कहीं भी जुड़ पाते हैं। यह उन्हें अधिक सक्रिय शिक्षार्थी बनाता है।

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