BGMI की कंपनी पर बड़ा आरोप! यूजर डेटा बेचने का दावा, कोर्ट में मामला गरमाया
बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया (BGMI) की पब्लिशर कंपनी Krafton कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी पर यूजर्स का डेटा बेचने और गोपनीयता समझौते को तोड़ने का आरोप लगा है।
मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र के एक निवासी संतोष तोरने ने Akluj पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई। इस एफआईआर में क्राफ्टन के चार बड़े अधिकारियों के नाम हैं WooYol Lim, जितेंद्र बंसल, यूनाल सोनी और वूयोल शालोम। यह पूरा मामला क्या है? आइए जानते हैं।

2,000 रुपये प्रति यूजर में बेचा गया डेटा?
FIR में दावा किया गया है कि क्राफ्टन ने 2 अगस्त 2021 को एक सर्विस एग्रीमेंट पर साइन किए थे, लेकिन उस समझौते का उल्लंघन करते हुए कंपनी ने यूजर डेटा को टेलीग्राम जैसे थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म्स पर 2,000 रुपये प्रति यूजर के रेट से बेचा है।
इसके तहत आईटी एक्ट 2000 की धारा 72, 72A और 85 के साथ-साथ IPC की धारा 120-B (षड्यंत्र) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उसने 2023 में ही लोकल पुलिस और सोलापुर के एसपी से इस बारे में शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह न्यायालय की शरण में गया। 28 अगस्त 2024 को मलशिरस के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CrPC की धारा 156(3) के तहत पुलिस को जांच के आदेश दिए।
कोर्ट में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को
इस मामले की सुनवाई अब बॉम्बे हाईकोर्ट में हो रही है, जहां जस्टिस सारंग वी. कोटवाल और डॉ. नीला गोखले की बेंच इसकी सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस भेज दिए हैं और 15 अप्रैल 2025 को अगली सुनवाई तय की गई है। तब तक के लिए सभी अंतरिम आदेश प्रभावी रहेंगे।
Krafton ने दी सफाई
कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा,
"क्राफ्टन में यूजर की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम डेटा सिक्योरिटी के उच्चतम मानकों का पालन करते हैं। मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए हम कानूनी प्रक्रिया के बाद ही कोई स्पष्ट टिप्पणी करेंगे।"


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