भारत को इन 5 तरीकों से मिलेगी भरपूर ऊर्जा

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    क्‍या भारत में ऊर्जा के नए श्रोतों की तलाश अभी भी की जा रही है या फिर आज भी हम वहीं पुराने ऊर्जा के भंडारों पर निर्भर हैं। दुनिया में स्‍पेन एक ऐसा देश हैं जहां पर ऊर्जा के नए साधानों का भरपूर प्रयोग किया जा रहा है। भारत में भी ऊर्जा को लेकर कई तरह के नए प्रयोग हो रहे हैं जिनमें सोर ऊर्जा सबसे तेजी से ऊर्जा देने के वाले श्रोत के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। आईए जानते हैं भारत में ऊर्जा को लेकर कौन सी नई तकनीकों का प्रयोग अधिक किया जा रहा है।

    सोलर पॉवर प्‍लांट
    विकास और तकनीक की नजर से देखें तो गुजरात भारत में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ राज्‍य है, जहां पर ज्‍यादातर क्षेत्रों में नई तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गुजरात के पाटन जिले के चारनका गांव से लगाया जा सकता हैं जहां पर भारत का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्‍लांट लगा हुआ है। गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 30 दिसंबर 2010 को इस प्‍लांट का उद्घाटन किया था। ये सोलर पावर प्‍लांट 5,000 एकड़ में बना हुआ है जो 500 मेगावॉट तक बिजली बना सकता है। अगर देश के कुल पावर प्‍लांटों से उत्‍पादित होने वाली बिजली पर नजर डालें तो गुजरात में देश की 66 प्रतिशत सोलर पावर एनर्जी गुजराज में ही जनरेट होती है। भारत में अभी 1,761 मेगावॉट बिजली सोलर प्‍लांट से बनती है जिसमें 2022 तक 20 GW करने की योजना है।

    ग्रीन एनर्जी
    भारत अपने 7 राज्‍यों में आने वाले दिनों में 7.9 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा जिसके तहत साउथ ग्रिड को नेशनल ग्रिड में जोड़ा जाएगा इसके अलावा वर्ल्‍ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और नैशनल इलेक्‍ट्रिकसिटी फंड इस प्रोजेक्‍ट में आर्थिक सहयोग प्रदान करेंगे और जर्मनी इसमें तकनीक सहयोग करेगा। 

    गुजरात में और सोलर प्‍लांट लगाए जाएंगे
    गुजरात के पाटन जिले के चारनका गांव में कैनाल पर लगे सोलर प्‍लांटों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। अगले 3 सालों में 10,000 सोलर प्‍लांट छत का निर्माण किया जाएगा जो 40 से 60 मेगावॉट बिजली उत्‍पन्‍न करेंगे।

    वेव पॉवर
    वेव पॉवर भी ऊर्जा का एक नया स्‍वरूप है पुर्तगाल में तेजी से बहने वाली द्वारा काफी ऊर्जा बनाई जाती है। इसके लिए गुजरात में भारत का पहला टाइडल एनर्जी प्‍लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा महराष्‍ट्र सरकार भी 750 किलोमीटर लंबी समुद्र सीमा से वेव एनर्जी ग्रहण जनरेट करने के बारे में सोंच रही है।

    विंड फार्म
    तमिलनाडू में विंड फार्म पर तेजी से काम चला रहा है। विंडा फार्म यानी पवन चक्‍की द्वारा बिजली का उत्‍पादन करना, इसके तहत नेशनल ऑफशोर आर्थोरिटी (NOWA) ने भारत में ऐसी जगहों का दौरा किया है जहां पर हवा द्वारा ऊर्जा बनाई जा सकती है। इसके अलावा नोवा ने कुछ कंपनियों के साथ करार भी किए हैं।

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    solar power plant

    विकास और तकनीक की नजर से देखें तो गुजरात भारत में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ राज्‍य है, जहां पर ज्‍यादातर क्षेत्रों में नई तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गुजरात के पाटन जिले के चारनका गांव से लगाया जा सकता हैं जहां पर भारत का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्‍लांट लगा हुआ है। गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 30 दिसंबर 2010 को इस प्‍लांट का उद्घाटन किया था। ये सोलर पावर प्‍लांट 5,000 एकड़ में बना हुआ है जो 500 मेगावॉट तक बिजली बना सकता है। अगर देश के कुल पावर प्‍लांटों से उत्‍पादित होने वाली बिजली पर नजर डालें तो गुजरात में देश की 66 प्रतिशत सोलर पावर एनर्जी गुजराज में ही जनरेट होती है। भारत में अभी 1,761 मेगावॉट बिजली सोलर प्‍लांट से बनती है जिसमें 2022 तक 20 GW करने की योजना है।

    Green energy

    भारत अपने 7 राज्‍यों में आने वाले दिनों में 7.9 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा जिसके तहत साउथ ग्रिड को नेशनल ग्रिड में जोड़ा जाएगा इसके अलावा वर्ल्‍ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और नैशनल इलेक्‍ट्रिकसिटी फंड इस प्रोजेक्‍ट में आर्थिक सहयोग प्रदान करेंगे और जर्मनी इसमें तकनीक सहयोग करेगा।

    solar rooftops in Gujarat

    गुजरात के पाटन जिले के चारनका गांव में कैनाल पर लगे सोलर प्‍लांटों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। अगले 3 सालों में 10,000 सोलर प्‍लांट छत का निर्माण किया जाएगा जो 40 से 60 मेगावॉट बिजली उत्‍पन्‍न करेंगे।

    Wave power for west coast states

    वेव पॉवर भी ऊर्जा का एक नया स्‍वरूप है पुर्तगाल में तेजी से बहने वाली द्वारा काफी ऊर्जा बनाई जाती है। इसके लिए गुजरात में भारत का पहला टाइडल एनर्जी प्‍लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा महराष्‍ट्र सरकार भी 750 किलोमीटर लंबी समुद्र सीमा से वेव एनर्जी ग्रहण जनरेट करने के बारे में सोंच रही है।

    Offshore wind farms coming soon

    तमिलनाडू में विंड फार्म पर तेजी से काम चला रहा है। विंडा फार्म यानी पवन चक्‍की द्वारा बिजली का उत्‍पादन करना, इसके तहत नेशनल ऑफशोर आर्थोरिटी (NOWA) ने भारत में ऐसी जगहों का दौरा किया है जहां पर हवा द्वारा ऊर्जा बनाई जा सकती है। इसके अलावा नोवा ने कुछ कंपनियों के साथ करार भी किए हैं।


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