खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना खुद एक धर्म होता है: Zomato
आज ट्विटर पर तीन-चार हैशटैग काफी ट्रेंड कर रहा है। इन हैशटैग में #boycottzomato #BoycottUberEats #IStandWithAmit और #IDontStandWithAmit भी शामिल है। अब हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। क्यों लोग Zomato और Uber Eats का बॉयगॉट करने तो कह रहे हैं और ये अमित कौन है..?

अमित मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहता है। अमित ने मंगलवार रात को जोमेटो से अपने लिए कुछ खाना ऑर्डर किया। जोमेटा का डिलीवरी बॉय खाना लेकर आया और अमित ने खाना लेने से मना कर दिया। अमित ने खाना लेने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि डिलीवरी बॉय एक मुस्लिम था। अमित ने श्रावण महीने में एक मुस्लिम लड़के से खाना लेने से मना कर दिया।
मुस्लिम लड़के से नहीं लिया खाना
इसके बाद अमित ने जोमेटो के कस्टमर केयर से बात की और कहा कि किसी दूसरे लड़के के हाथ खाना भेजवाएं। जेमोटो ने कारण पूछा तो अमित ने कहा कि वो श्रावण के महीने में एक मुस्लिम डिलीवरी बॉय से खाना नहीं लेगा। इसके ऊपर कस्टमर केयर से बातचीत होने के बाद जोमेटो ने दूसरा डिलीवरी बॉय भेजने से मना कर दिया।
इसपर अमित ने कहा कि अगर दूसरा डिलीवरी बॉय नहीं आ सकता तो उसका ऑर्डर कैंसल कर दें। जोमेटो ने ऑर्डर कैंसल करने और पैसे रिफंड करने से भी मना कर दिया। इसके बाद अमित ने कहा कि जोमेटो उसे किसी से खाना जबरन लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसके बाद अमित ने ट्विटर पर इन सभी चीजों की जानकारी देते हुए ट्वीट किया। अमित का ट्विटर हैंडल @NaMo_SARKAAR के नाम से है जो अब खुल नहीं रहा है। इसलिए हम अमित के ट्वीट को अटैच नहीं कर पा रहे हैं।
अमित ने जोमेटो का किया विरोध
अमित ने अपने ट्वीट में लिखा कि, "मैंने अभी-अभी जोमेटो से किए एक ऑर्डर को कैंसल किया है। जेमेटो ने मेरा खाना एक गैर हिंदू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वो डिलीवरी बॉय बदल नहीं सकते हैं और ना ही ऑर्डर रद्द करने पर पैसा वापस कर सकते हैं। मैंने कहा कि आप मुझे खाना लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। मुझे पैसा वापस नहीं चाहिए लेकिन बस मेरा ऑर्डर कैंसल कर दो."
जोमेटो ने दिया करारा जवाब
इसके बाद अमित ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि, "अब वह अपने वकील से इस विषय पर बात करेंगे और सलाह लेंगे। अमित ने अपने इन ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इन सभी ट्वीट के जवाब में जोमेटो ने भी एक ट्वीट पोस्ट करके अमित को जवाब दिया कि, "खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना खुद एक धर्म है."
जोमेटो के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए ऊबरईट्स ने उनका साथ दिया और लिखा, "हम आपके साथ खड़े हैं." इस पूरी घटना के बाद देशभर के बहुत सारे लोग जो संभवत: हिंदू समुदाय के ही होंगे ने अमित का साथ देते हुए जोमेटो और ऊबर ईट्स को ना इस्तेमाल करने की बात कही और ट्विटर पर #boycottzomato #BoycottUberEats और #IStandWithAmit ट्रेंड करने लगा।
हमें बिजनेस खोने का कोई गम नहीं: Zomato
लोगों ने अपने फोन से जोमेटो और ऊबर ईट्स को अनइंस्टॉल करके उसकी वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की है औऱ अमित के साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं। लोगों के इस रिएक्शन पर जोमेटो के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने भी एक ट्वीट किया और लिखा, " हमें भारत के विचारों पर गर्व है। हमें हमारे सम्मानित ग्राहकों और भागीदारों की विविधता पर भी गर्व है। लेकिन हमारे मूल्यों के रास्ते में आने वाली किसी भी व्यवसाय को खोने का हमें कोई खेद नहीं है।
जोमेटो के फाउंडर ने अपने इस ट्वीट से साफ कर दिया है कि जोमेटो ने कुछ गलत नहीं किया है और वो बिल्कुल सही कर रहे हैं। उसके इस सही रास्ते में अगर लोग उनकी सर्विस को ठुकराएंगे तो उसका उन्हें कोई ममाल नहीं होगा। इन सभी घटनाओं के घटित होने के बाद देशभर से एक तबका ऐसा भी ऐसा जिसने जोमेटो और ऊबर ईट्स का साथ देना शुरू किया।
#IDontStandWithAmit हैशटैग भी हुआ ट्रेंडिंग
उन लोगों ने #IDontStandWithAmit हैशटैग के साथ अमित और उसके जैसे अन्य लोगों के विचारों के खिलाफ ट्वीट करना शुरू किया और जो अब ट्रेंड करना शुरू हो गया है। जोमेटो के समर्थन में आने वाले लोगों ने अमित के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी कुंडली निकाली और उसके स्क्रीनशॉट्स को सोशल मीडिया पर शेयर किया।
इन स्क्रीनशॉट्स में देखा जा रहा है कि अमित ने प्रियंका चोपरा समेत कई सेलिब्रिटी और अन्य लोगों के लिए अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया है। हालांकि अमित के ट्विटर अकाउंट में उनका नाम पं. अमित शुक्ल लिखा हुआ है। अमित के खिलाफ और जोमेटो, ऊबर ईट्स के साथ खड़े होने वाले लोगों में एबीपी न्यूज़ की एंकर रूबिका लियाकत भी हैं। उन्होंने एक वीडियो को ट्वीट करके अमित के विचारों का विरोध किया है।
बहराल, अब इस मामले में देखना होगा कि आगे क्या-क्या होता है लेकिन हमारे विचार से जोमेटा का जवाब बिल्कुल सही है कि खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना खुद एक धर्म होता है." अगर मुस्लिम लड़के से खाना लेना उनके भक्ति के खिलाफ है तो पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और उनके जैसे कई मुस्लिम लोगों के द्वारा की गई उपलब्धियों को फायदा उठाना और श्रेय लेना भी उनके भक्ति के खिलाफ होना चाहिए।


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