आज है 'गूगल रीडर' के बंद होने का आखिरी दिन

    गूगल डेस्‍कटॉप और गूगल वेव की तरह गूगल आज अपने गूगल रीडर को शटडाउन करने जा रहा है। गूगल रीडर को 7 अक्‍टूबर 2005 में लांच किया गया था लेकिन दिन पर दिन इसकी घटती लोकप्रियता के चलते गूगल ने 13 मार्च 2013 को इसे बंद करने का ऐलान फैसला किया।

    क्‍या है गूगल रीडर

    गूगल रीडर एक तरह की एप्‍लीकेशन है जिसकी मदद से यूजर ऑफलाइन भी खबरें पढ़ सकता है। शुरुआत में गूगल रीडर को पसंद करने वालो की संख्‍या में इजाफा हुआ लेकिन धीरे-धीरे इसके प्रशंसक कम होने लगे। सरल भाषा में कहें तो गूगल रीडर ढेर सारी साइटों की खबरें आपको एक ही प्‍लेफार्म में दिखाता है जिससे आपको बार-बार अलग-अलग खबरों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता।

    आज है 'गूगल रीडर' के बंद होने का आखिरी दिन

    इससे पहले भी गूगल अपने कई प्रोडेक्‍ट बंद कर चुका है

    • दिसबंर 2008 गूगल लाइवली
    • अगस्त 2010 गूगल वेव
    • दिसबंर 2011 गूगल बज़
    • मई 2013 गूगल टॉक
    • जुलाई 2013 गूगल रीडर

    क्‍यों बंद किया गूगल रीडर

    गूगल के अनुसार गूगल रीडर को बंद करने के पीछे सबसे बड़ा कारण इसके घटते यूजर हैं इसके अलावा गूगल अपने दूसरे प्रोडेक्‍ट पर ध्‍यान देना चाहता है। गूगल ने मार्च में गूगल रीडर को बंद करने की घोषण की थी यानी गूगल ने गूगल रीडर यूजरों को 3 महिने का वक्‍त दिया था ताकि वे इसके विकल्‍प के रूप में दूसरी सर्विस चुन लें। इसके अलावा गूगल ने डेटा सेव करने के लिए गूगल टेकआउट का विकल्‍प दिया था जिसमें यूजर अपना डेटा सेव कर सकता है।

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