E-Gambling प्लेटफार्म को नहीं प्रमोट करता Google, MIB ने भेजा था लेटर

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पिछले सप्ताह Google को एक लेटर भेजा था जिसमें उन्होंने कंपनी को ऑनलाइन betting ads पब्लिश करने के लिए मना किया था। इसपर Google ने बयान दिया कि वह भारतीय कानून का पालन करता है और अपनी किसी भी ads में ऑनलाइन gambling जैसी सर्विस नहीं प्रदान करता है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने यह बताया है की Google अपनी ads पॉलिसी का सख्ती से पालन करता है और अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो वो उसके खिलाफ कड़े एक्शन लेता है। कंपनी की ads पॉलिसी और लागू किये गए कानून और नियम से यह ऑनलाइन betting को बढ़ावा नहीं देता।
MIB ने Google को लेटर क्यों भेजा
मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रालय को किसी ने सूचना दी थी की Google ऑनलाइन betting ads पब्लिश कर रहा है। इसलिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने Google को लेटर जारी किया जिसमें उन्होंने कंपनी को इस तरह के ads दिखाने से मना किया। आपको बता दें कि MIB आमतौर पर उन कंपनियों को लेटर जारी करता है जो ऐसे ads दिखाकर कानून का उल्लंघन करते हैं या जब उन्हें किसी से जानकारी प्राप्त होती है कि कोई कंपनी ऐसे ads पब्लिश कर रही है।
यह कंपनियां ऑनलाइन betting को देती है बढ़ावा
डोमेस्टिक betting कंपनियों के आलावा ऐसी कई ऑफशोर कंपनियां है जो इसे बढ़ावा देती है। PariMatch, Fairplay, Betaway, 1xBet और Wolf 777 जैसी कंपनियां एक अलग चैनल के माध्यम से betting को बढ़ावा देती है।
अक्टूबर माह में MIB ने एक एडवाइजरी जारी की थी जिसमें उन्होंने सभी OTT प्लेटफॉर्म डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर, टीवी चैनल, और अन्य सोशल मीडिया intermediaries को betting ads को एयर करने या दिखाने से रोकने के लिए कहा था।
जानकारी के लिए बता दें कि ऑनलाइन betting केवल ads तक सीमित नहीं है, यह अब गेमिंग प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा बन चुकी है। ऐसे कई गेमिंग apps और sites हैं जो इसका हिस्सा हैं। इसको नियंत्रण में लाने के लिए भारत को एक रेगुलेटरी बॉडी बनाने की जरूरत है, और ऐसे नियम बनाने की जरूरत है जिससे इसे रोका जा सके।


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