प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती आज, गूगल ने बनाया खास डूडल
आज 29 जून को मशहूर सांख्यिकीविद और वैज्ञानिक प्रशांत चंद्र महालनोबिस का 125वां जन्मदिन है। हर एक अवसर की तरह इस मौके पर भी गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इस डूडल को निशांत चौकसी ने बनाया है। उन्होंने स्टैटिस्टिक ऑफ इंडिया की नींव रखी है। साइंटिस्ट Prasanta की मृत्यु 78 वर्ष में 28 जून 1972 को हुई थी। उन्होंने अपने आखिरी दिनों में भी विज्ञान के क्षेत्र में काम जारी रखा। आखिरी समय में वह इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट में बतौर डायरेक्टर के पद पर थे। उन्हें आज इसी योगदान के लिए याद किया जाता है।

महालनोबिस का जन्म 29 जून 1883 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ब्राम्हो बॉयज स्कूल कोलकाला से ली। 1908 में स्नातक किया और बाद में कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में दाखिला लिया। उन्होंने यहां महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस और प्रमुल चंद राय से शिक्षा ग्रहण की। भौतिकी में ऑनर्स किया और आगे की पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन चले गए।
महालनोबिस का पंसदीदा विषय गणित था, इसलिए लंदन में उन्होंने कैंब्रिज में दाखिला लिया और भौतिकी व गणित विषय दोनों में डिग्री ली। महालनोबिस को सांख्यिकी में उल्लेखनीय काम करने के लिए जाना जाता है। महालनोबिस ने प्रेमाथा नाथ बनर्जी, निखिल रंजन सेन और आरएन मुखर्जी के साथ मिलकर 1931 में भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आइएसआइ) की स्थापना की थी। आइएसआइ को 1959 में संसद के एक अधिनियम द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त हुआ। वे स्वतंत्र भारत के पहले प्लानिंग कमीशन के सदस्य भी थे।
महान वैज्ञानिक महालनोबिस की जयंती को सांख्यिकी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और इस मौके पर आज उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू 125 रुपए का सिक्का जारी करेंगे। इसके साथ ही 5 रुपए का भी नया सिक्का जारी किया जाएगा। महान वैज्ञानिक महालनोबिस सांख्यिकीविद तो थे ही, साथ ही वह स्वतंत्र भारत के पहले प्लानिंग कमीशन के सदस्य भी थे। सांख्यिकी दिवस मनाने का मकसद लोगों को सामाजिक-आर्थिक योजनाओं और नीति निर्माण में सांख्यिकी के महत्व के बारे में जागरूक करना है।


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