गूगल ने डूडल के जरिये सर सैंडफोर्ड फ्लेमिंग को किया याद

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    गूगल ने शनिवार को अपने बयान में कहा, "आज का डूडल फ्लेमिंग की 190वीं जयंती पर उनकी विरासत को दर्शाता है।"ऐसा माना जाता है कि 1876 में गलत समय सारिणी मुद्रित होने के कारण आयरलैंड में फ्लेमिंग की ट्रेन छूट गई थी, जिसके बाद उनके मन में मानक समय इजाद करने का शानदार विचार आया।

    गूगल ने डूडल के जरिये सर सैंडफोर्ड फ्लेमिंग को किया याद

    फ्लेमिंग का जन्म स्कॉटलैंड के कर्काल्डी में 1827 में हुआ था। प्लेमिंग ने आठ फरवरी 1879 को रॉयल कैनेडियन इंस्टीट्यूट की एक बैठक में मानक समय का प्रस्ताव रखा था।

    उन्होंने ग्रीनविच रेखा से शुरुआत करते हुए 15 ड्गिरी के अंतराल स्थान पर दुनियाभर को 24 समय जोन्स में विभाजित करने की बात कही। उनके प्रस्ताव के बाद 1884 में 'इंटरनेशनल प्राइम मेरिडियन कॉन्फरेंस' आयोजित की गई, जिसमें 25 देश शामिल हुए।

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    इस सम्मेलन में फ्लेमिंग की अंतर्राष्ट्रीय मानक समय प्रणाली को अपनाया गया। फ्लेमिंग ने कनाडा के पैसिफिक रेलवे में अपने कार्यकाल के दौरान इंटरकांटिनेंटल रेलवे के निर्माण में भी मदद की। वह कनाडा का पहला डाक टिकट डिजाइन करने के लिए भी जाने जाते हैं।

    English summary
    Today’s Google doodle is dedicated to Sandford Fleming, the Scottish Canadian inventor who proposed the worldwide standard time as we know today at a meeting of the Royal Canadian Institute way back in 1879. January 7 marks Fleming’s 190th birth anniversary.
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