खत्म हो रही भाषाओं को गूगल देगी संरक्षण

इंटरनेट कंपनी गूगल ने दुनिया भर की 3,000 से अधिक संकटग्रस्त भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए एक ऑनलाइन सूचना आदान-प्रदान प्लेटफार्म की शुरुआत की है। इंडेनजर्डलैंग्वेजेज डॉट कॉम वेबसाइट छोटे समूहों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषाओं के डिजिटल सामग्रियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी।
यह वेबसाइट भारत में कोरो भाषा, तंजानिया मैं बुरूंगे, अमेरिका में नवाजो , स्पेन मैं अरागोनीज समेत अनेक संकटग्रस्त भाषाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी। गूगल मैक्सिको के विपणन प्रमुख मिगुएल अल्बा ने कल कहा, यह एक खुला, ऑनलाइन गंतव्य है जहां कोई भी व्यक्ति जाकर उन भाषाओं से जुड़ी सामग्रियों को साझा कर सकता है जिनका अस्तित्व खतरे में है।
उन्होंने कहा, फिलहाल विश्व में कोई 7,000 भाषाएं बोली जाती हैं लेकिन आशंका है कि इस शताब्दी के अंत तक आधी भाषाओं का अस्तित्व नहीं रह पाएगा। उम्मीद है कि उपयोक्ताओं द्वारा वीडियो, फोटो, श्रव्य और लिखित सामग्रियों के साझा करने से इन भाषाओं को एक नया जीवन मिलेगा।


Click it and Unblock the Notifications








