गूगल की सेल्फ ड्राइविंग कार के बारे में जानिए 5 बातें
गूगल सेल्फ ड्राइविंग कार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने अपने ब्लॉग में लिखा है ये तकनीक हमे एक नए दौर में ले जाएगी, इस तकनीक की मदद से सड़कों पर पूरी सुरक्षा के साथ बेहतरीन ड्राइविंग का मजा ले सकेंगे।
सेल्फ ड्राइविंग कार यानी ऐसी कार जो बिना ड्राइवर के संचालित होती हो, गूगल द्वारा बनाई गई नई कार भविष्य में ड्राइविंग को एक नया आयाम देगी। कार की पिछली सीट में बैठे व्यक्ति को इस बात की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं उसे कहा से मुड़ना है और कौन से रूट से जाना है बस वो आराम से बैठ कर सफर का मजा ले सकता है।
आईए जानते हैं गूगल की नई कार के बारे में कुछ रोचक बातें,
Things that need improvement
गूगल के अनुसार पिछले साल उन्होंने RX450H SUVs पर ड्राइविंग टेस्ट किया था जिसमें लेजर, राडार के अलावा कई कैमरे लगे हुए थे। साथ ही इसमें रोबोट विज़न दिया गया है जो सड़कों पर लगे साइन को अच्छी तरह से पढ़ सकता है। लेकिन अभी इस तकनीक को और अच्छी तरह से विकसित करना है ताकि मौसम से जुड़े बदलाव और सड़कों की अलग अलग लेन को कार अच्छी तरह से पहचान सके।
Testing on home ground
गूगल की सेल्फ ड्राइविंग कार कुछ ही शहरों की सड़कों में टेस्ट की जा सकती है जैसे कैलीफोर्निया, फ्लोरिडा, वॉशिंगटन डीसी, मकिगेन, नेवेडा हो सकता है भविष्य में दूसरे देशों में भी इन्हें टेस्ट किया जा सके।
Timelines
2012 में गूगल के कोफाउंडर सर्जी ब्रिन ने कहा था 5 साल के अंदर लोग अपने हाथों से तकनीक को पकड़ सकेंगे। यानी गूगल कार ड्राइवर की कोई जरूरत नहीं होगी लेकिन जरूरत पड़ने पर यूजर इसे कंट्रोल कर सकेगा।
Rival is here
गूगल के पास अपनी खुद की ऐसी कारें बनाने के लिए काफी पैसा है लेकिन हो सकता है, गूगल बड़े-बड़े कार निर्माताओं के साथ अपना संपर्क बनाए और उन्हें अपना सॉफ्टवेयर दे जैसे उसने एंड्रायड के साथ किया है।
Heads to city streets
गूगल के अनुसार कार में करीब 700,000 एक्सिडेंट ऑटोनॉमस मोड दिए गए हैं, जिसकी वजह से गूगल की ये कार सबसे सुरक्षित मानी जाती है।


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