सरकार ने जारी की नई ड्रोन पॉलिसी, 1 दिसंबर से पूरे देश में लागू
अब तक आपने ड्रोन का इस्तेमाल फिल्मों में एरियल शॉट्स फिल्माने, शादी-विवाह में खास तरीके के शॉट्स लेने या फिर किसी इवेंट में देखा होगा, लेकिन ड्रोन इन दिनों रोज़गार पाने, राहत व बचाव कार्य, सैन्य कार्य में काफी मददगार साबित हो रहे हैं। इसी को देखते हुए एविएशन मिनिस्ट्री ने सोमवार को ड्रोन पॉलिसी जारी की है। लिहाज़ा अगर आप भी ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो जारी की गई गाइलाइन्स को जानना जरूरी है।

1 दिसंबर से पूरे देश में लागू होगी ड्रोन पॉलिसी
सरकार ने 1 दिसंबर से ड्रोन उड़ाने को लीगल कर दिया है। लिहाज़ा ड्रोन उड़ाने से पहले आपको इसका रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्टर कराने पर आपको यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन को पांच कैटेगरी में बांटा गया है।
ड्रोन्स की कैटेगरी-
नैनो- 250 ग्राम से कम वजन
माइक्रो- 250 ग्राम से ज्यादा और 2 किलो से कम
मिनी- 2 किलो से 25 किलो तक
स्मॉल- 25 से 150 किलो तक
लार्ज- 150 किलो से ज्यादा
इन पांच कैटेगरी में नैनो को छोड़कर हर कैटेगरी के ड्रोन को रजिस्टर कराना अनिवार्य है। लेकिन आपको बता दें कि ऐसे शैक्षणिक संस्थान जिनमें पढ़ाई के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है उनको UIN लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सिर्फ लोकल पुलिस स्टेशन में जानकारी दें और अपने परिसर में आसानी से ड्रोन उड़ाएं।
देश की ड्रोन पॉलिसी
ड्रोन्स की कीमत ज्यादा महंगी नहीं होती है, कोई भी व्यक्ति इसे आसानी से खरीदकर इस्तेमाल कर सकता था, लेकिन अब सरकार द्वारा जारी की गई पॉलिसी के तहत ही कोई व्यक्ति ड्रोन का इस्तेमाल कर सकेगा।
1) ड्रोन के मालिक या पायलट को गृह मंत्रालय से सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेना होगा और इसके लिए आवेदनकर्ता को आधार कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी दो जरुरी दस्तावेज को अटेस्ट करके देना होगा।
2) रिमोट पायलट के लिए उम्र को भी निर्धारित किया गया है, पॉलिसी के तहत रिमोट पायलट की उम्र 18 साल होनी चाहिए।
3) नई पॉलिसी के तहत हर जगह ड्रोन को नहीं उड़ाया जा सकेगा। एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाके, अंतरराष्ट्रीय सीमा, कोस्टल लाइन, दिल्ली में विजय चौक, राज्यों के सचिवालय, रक्षा ठिकानों से संबंधित जगह और महत्वपूर्ण मिलिट्री लोकशन में ड्रोन उड़ाना बैन है।
4) हालांकि ड्रोन का इस्तेमाल कमर्शियल उद्देश्य के तौर पर भी करने की तैयारी है। बता दें कि गूगल और अमेजॉन ने ड्रोन के माध्यम से सामानों के होम डिलीवरी करने की तैयारी कर ली है। अमेजॉन ने ड्रोन की तैनाती के लिए पेटेंट भी फाइल किया है। हालांकि अपनी नियमावली में सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल ड्रोन का इस्तेमाल खाने या अन्य सामानों की डिलीवरी के लिए नहीं किया जाएगा।
5) ड्रोन को केवल सूर्योदय के बाद सूर्यास्त से पहले ही उड़ाया जा सकता है।
6) भारतीय कंपनियों और कॉर्पोरेट को ड्रोन संचालन के लिए गृह मंत्रालय की परमिशन लेनी होगी।
7) छोटे और उससे अधिक श्रेणी के ड्रोन इस्तेमालकर्ताओं को डीजीसीए से मंजूरी मिले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन से बाकायदा प्रैक्टिक्ल ट्रेनिंग लेनी होगी।
8) इन नियमों का उल्लंघन करने वालों का यूआईएन रद्द कर दिया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।


Click it and Unblock the Notifications