5G ट्रायल के लिए भारत सरकार ने टेलिकॉम कंपनियों को दी अनुमति
अब दुनियाभर में लोग 5जी का इंतजार कर रहे हैं। 5जी के लिए काफी देशों ने काम शुरू भी कर दिया है। यहां तक कि कई कंपनियों ने तो 5जी सपोर्ट वाला स्मार्टफोन भी लॉन्च कर दिया है। अब भारत सरकार ने भी टेलिकॉम कंपनियों को 5जी पर ट्रायल करने की अनुमति दे दी है।

भारत सरकार के दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार सभी टेलिकॉम कंपनियों को 5जी स्पेक्ट्रम ट्रायल के लिए मुहैया कराएगी। आपको बता दें कि आप इसका मतलब ये ना समझें कि अब आप भारत में 5जी सर्विस का इस्तेमाल कर पाएंगे।
भारत सरकार फिलहाल सिर्फ टेलिकॉम कंपनियों को 5जी सर्विस को ट्रायल करने के लिए स्पैक्ट्रम मुहैया करा रही है। इसे अभी व्यवसायिक तौर पर पेश नहीं किया जाएगा। इसका मतलब यूज़र्स अभी इस सर्विस का उपयोग नहीं कर पाएंगे। हालांकि कंपनी के ट्रायल होने के बाद इस सर्विस का उपयोग लोग जरूर कर पाएंगे और इसे अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है।
बीते मंगलवार यानि कल भारत सरकार के दूरसंचार मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने इस संबंध में हुई एक बैठक के बाद कहा कि दूरसंचार विभाग सभी टेलिकॉम कंपनियों को ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम प्रोवाइड कराएगी। इस कड़ी में कंपनियां कुछ ऑपरेटर जैसे एरिक्शन, सैमसंग, नोकिया और हुवावे को अपने पार्टनर वेंडर के रूप में चुन सकती है।
इससे पहले दूरसंचार विभाग ने दिसंबर के महीने में ही स्पेक्ट्रम की होने वाली अगली नीलामी की कीमत को मंजूरी दी है। इस मंजूरी के अनुसार खासतौर पर करीब 6050 मेगाहट्ज की Air Waves का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इसके अलावा मीडिया को मिले सूत्रों की जानकारी के अनुसार चीन कंपनी हुवावे को भी पार्टनर वेंडर के लिए मंजूर कर लिया गया है।
आपको बता दें कि हुवावे कंपनी पिछले कुछ समय से अमेरिका समेत पूरे वैश्विक मार्केट में परेशानियों का सामना कर रही है, इसलिए इस कंपनी के मंजूरी पर अटकलें लगाई जा रही थी लेकिन अब सूत्रों के अनुसार सभी अटकलों पर विराम लग गया है और हुवावे भी इस 5जी स्पैक्ट्रम ट्रायल में हिस्सा ले सकती है। आपको बता दें कि अगले महीने से इस ट्रायल की शुरुआत होगी।


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