हर फोन पर सरकार की नजर! डिलीट नहीं होगा Sanchar Saathi ऐप, जानिए क्या है ये नया फरमान
केंद्र सरकार ने मोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ा और सख्त फरमान जारी किया है। अब भारत में बिकने वाले हर स्मार्टफोन में Sanchar Saathi ऐप होना अनिवार्य कर दिया गया है।
यह आदेश न सिर्फ नए फोन के लिए है, बल्कि पुराने फोन्स में भी सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसे डाला जाएगा।
इस पूरे मामले को और इसके असर को इन 5 पॉइंट्स में समझिए...

1. सरकार का आदेश
सरकार ने Apple, Samsung, Vivo जैसी सभी मोबाइल कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि भारत में बनने वाले या इंपोर्ट होने वाले हर फोन में 'संचार साथी' ऐप पहले से इंस्टॉल (Pre-installed) होना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि यूजर्स चाहकर भी इस ऐप को न तो डिलीट कर पाएंगे और न ही डिसेबल। कंपनियों को इसे लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है।
2. आखिर सरकार ऐसा क्यों कर रही है?
सरकार का तर्क है कि साइबर अपराध और फर्जी मोबाइल फोन्स (Spoofed IMEI) की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार इसे एक 'सुरक्षा कवच' बता रही है। इसका मकसद नागरिकों को नकली हैंडसेट खरीदने से बचाना और टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है।
3. क्या है संचार साथी और यह क्या करता है?
यह सरकार द्वारा विकसित एक मोबाइल सुरक्षा प्लेटफॉर्म है। इसके मुख्य काम हैं।
चोरी या खोए हुए फोन को ब्लॉक करना।
यह चेक करना कि आपका फोन असली है या नकली (IMEI वेरिफिकेशन)।
यह पता लगाना कि आपकी ID (आधार/पैन) पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं।
संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करना।
4. यह काम कैसे करेगा?
इंस्टॉल होने के बाद यह ऐप आपके फोन के IMEI नंबर को CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) से जोड़ देगा। अगर आपका फोन चोरी होता है, तो आप इस ऐप के जरिए उसे ब्लॉक कर सकते हैं। ब्लॉक होने के बाद चोर अगर सिम बदल भी ले, तो भी फोन नहीं चलेगा। सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से अब तक 7 लाख से ज्यादा खोए हुए फोन बरामद किए जा चुके हैं।
5. विवाद और जासूसी का डर
सोशल मीडिया पर लोग इसे जासूसी का टूल बता रहे हैं। विवाद इसलिए है क्योंकि यह ऐप अनिवार्य है और इसे हटाया नहीं जा सकता। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऐप कॉल लॉग्स, मैसेज, कैमरा और लोकेशन जैसी कई परमिशन मांगता है।


Click it and Unblock the Notifications








