Home
News

वोडाफोन को भारतीय कारोबार के पूर्ण अधिग्रहण की मंजूरी

विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने सोमवार को ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी वोडाफोन ग्रुप पीएलसी के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके तहत वह भारतीय सहायक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 100 फीसदी कर सकेगी। कंपनी इसके लिए करीब 10,141 करोड़ रुपये (1.7 अरब डॉलर) खर्च करेगी।

वोडाफोन को अब मंत्रिमंडल से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। कंपनी ने ईमेल के जरिए कहा, हमें वोडाफोन इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रस्ताव को एफआईपीबी की मंजूरी मिलने की खुशी है। इस फैसले पर आर्थिक मामले की मंत्रिमंडलीय समिति की मुहर लगनी बाकी है।

वोडाफोन को भारतीय कारोबार के पूर्ण अधिग्रहण की मंजूरी

वोडाफोन ने 2007 में हचिसन वैंपोआ की संपत्ति 11 अरब डॉलर में खरीद कर भारतीय दूरसंचार उद्योग में कदम रखा था। भारतीय कंपनी में उसकी अभी 64.38 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने अगस्त 2013 में देश के दूरसंचार क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी दी थी।

इससे पहले इस साल अक्टूबर में वोडाफोन ने कहा था कि उसने एफआईपीबी को भारतीय इकाई में अपनी हिस्सेदारी 64.38 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। अभी भारतीय इकाई की शेष हिस्सेदारी कई अल्पमत शेयरधारकों के बीच बंटी हुई है। इनमें से उद्योगपति अजय पीरामल के पास 11 फीसदी हिस्सेदारी है।

 
Best Mobiles in India

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X