GST 2.0: सस्ते होंगे TV, AC और फ्रिज, लेकिन स्मार्टफोन क्यों रह गए बाहर?
GST 2.0 in India: भारत में हर बार जब GST (Goods and Services Tax) दरों में बदलाव होता है, तो उसका सीधा असर कंज्यूमर्स की जेब और मार्केट की दिशा पर दिखता है। 3 सितंबर 2025 को हुई GST काउंसिल की बैठक में GST 2.0 की घोषणा की गई, जिसमें कई कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज पर टैक्स घटा दिया गया।
नतीजा यह होगा कि आने वाले फेस्टिव सीज़न में टीवी, एयर कंडीशनर और फ्रिज जैसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पहले से कहीं सस्ते मिलेंगे। लेकिन इस पूरी लिस्ट में स्मार्टफोन का नाम गायब है, और यही इस फैसले का सबसे दिलचस्प पहलू है।

क्या-क्या हुआ सस्ता?
नई GST दरों के मुताबिक बड़े टीवी (32 इंच से ऊपर): 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। वहीं 32 इंच टीवी पर अब सिर्फ 5% GST देना होगा। इसके अलावा एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर पर इसे 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
इस बदलाव का असर सीधा कीमतों पर दिखेगा। मसलन, एक AC अब औसतन ₹1,500 से ₹2,500 तक सस्ता हो सकता है, वहीं बड़े स्क्रीन वाले टीवी पर भी हज़ारों रुपए की बचत संभव होगी।
फेस्टिव सीजन पर सीधा असर
भारत में दिवाली, नवरात्रि और ओणम जैसे त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन की बिक्री सबसे ज्यादा होती है। ई-कॉमर्स कंपनियां भी Flipkart Big Billion Days और Amazon Great Indian Festival जैसी सेल लेकर आती हैं।
GST 2.0 के बाद उम्मीद है कि होम अप्लायंसेज़ की डिमांड में बढ़त होगी। उपभोक्ता पहले जहां बढ़े हुए टैक्स की वजह से बड़े टीवी या डबल-डोर फ्रिज को खरीदने से बचते थे, वहीं अब कम कीमत उन्हें इस खरीदारी के लिए प्रेरित करेगी।
स्मार्टफोन क्यों रहे बाहर?
भारत में हर महीने लाखों स्मार्टफोन बिकते हैं। यह देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है। फिर भी स्मार्टफोन पर GST को 18% से घटाकर 12% या 5% नहीं किया गया।
इसके पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं। पहला सरकार को रेवेन्यू लॉस का डर है, क्योंकि स्मार्टफोन की बिक्री इतनी ज्यादा है कि अगर सरकार टैक्स घटा देती, तो रेवेन्यू में बड़ा नुकसान होता।
जबकि दूसरा कारण है कि इसमें पहले से किफायती विकल्प है। स्मार्टफोन कंपनियां लगातार डिस्काउंट, बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज स्कीम देती हैं। सरकार का मानना है कि कंज्यूमर्स वैसे ही इनका फायदा उठाकर कम कीमत में फोन खरीद पा रहे हैं।
हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर स्मार्टफोन GST में कटौती होती, तो इससे ग्रामीण और टियर-2 शहरों में डिजिटल एडॉप्शन और तेजी से बढ़ेगा।
कंपनियों और कंज़्यूमर्स की स्ट्रेटजी
इस नए बदलाव के चलते अब इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां कम कीमत को मार्केटिंग पॉइंट बनाकर फेस्टिव सीज़न में सेल्स को दोगुना करने की कोशिश करेंगी।
वहीं जो लोग लंबे समय से नया AC, टीवी या फ्रिज खरीदने का सोच रहे थे, उनके लिए अब सही समय आ गया है। स्मार्टफोन कंपनियां अभी निराश जरूर हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि काउंसिल की अगली बैठक में मोबाइल पर भी GST राहत मिल सकती है।
भारत की डिजिटल ग्रोथ में क्या असर?
GST 2.0 को सरकार एक 'कंज़्यूमर-फ्रेंडली मूव' बता रही है। इसका असर दो तरह से दिखेगा। शॉर्ट टर्म में त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगी। वहीं लॉन्ग टर्म में टैक्स कटौती से इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा और लोग प्रीमियम होम अप्लायंसेज़ में ज्यादा इन्वेस्ट करेंगे।
हालांकि, स्मार्टफोन मार्केट पर इसका असर सीधा नहीं दिखेगा। लेकिन इंडायरेक्टली, जब घर में स्मार्ट टीवी और हाई-स्पीड इंटरनेट आएगा, तो मोबाइल-इकोसिस्टम पर खर्च भी बढ़ेगा।
GST 2.0 ने भारतीय उपभोक्ताओं को राहत जरूर दी है, लेकिन स्मार्टफोन को इस राहत से बाहर रखना कई सवाल खड़े करता है। हो सकता है कि सरकार का फोकस इस समय होम अप्लायंसेज़ सेक्टर को बढ़ावा देना हो, ताकि घरेलू कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट मिले।


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