बिना Internet मोबाइल पर कर सकेंगे स्ट्रीमिंग; HMD ला रहा है डायरेक्ट-टू-मोबाइल टेक्नोलॉजी
Direct to Mobile Technology: HMD ने हाल ही में यह घोषणा की है कि उसने भारत में डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक से चलने वाले फोन लॉन्च करने के लिए फ्री स्ट्रीम टेक्नोलॉजीज और कई अन्य कंपनियों के साथ साझेदारी की है। D2M तकनीक बिना वाई-फाई या इंटरनेट सर्विस वाले मोबाइल फोन पर OTT, लाइव टीवी, वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट मैसेज की सुविधा देती है।
वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) की ऑफिशियल अनाउंसमेंट की जानी है, जो 1 मई से 4 मई के बीच मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में होने वाली है। आइए जानते हैं कि डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक क्या है और कैसे काम करती है।

D2M तकनीक वाला फोन
HMD जल्द ही भारत में D2M तकनीक से चलने वाले फोन लॉन्च करेगी। कंपनी ने आज कहा कि उसके आने वाले D2M तकनीक से चलने वाले फोन भारत में बनाए और डिजाइन किए जाएंगे।
HMD ने यह भी कहा कि इन डिवाइस में कम कीमत वाला डिजाइन होगा, जिससे ये आम लोगों के लिए सुलभ होंगे।
कंपनी ने यह भी बताया कि डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक को सपोर्ट करने वाले उसके आने वाले फोन तेजस नेटवर्क पर ऑपरेट होंगे।
D2M तकनीक का टेस्टिंग प्रसार भारती ने तेजस नेटवर्क और IIT कानपुर के सहयोग से पिछले कुछ सालों में किया है।
तेजस नेटवर्क्स वही कंपनी है जिसके साथ BSNL ने 4G और 5G तैनाती के लिए साझेदारी की है।
यह घोषणा भारत में डायरेक्ट-टू-मोबाइल तकनीक के बड़े पैमाने पर होने वाले फील्ड ट्रायल से पहले की गई है।
डायरेक्ट-टू-मोबाइल तकनीक के शुरुआती ट्रायल पिछले साल दिल्ली, नोएडा और बेंगलुरु सहित देश भर के अलग-अलग शहरों में आयोजित किए गए थे।
शुरुआती ट्रायल के बाद, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने निष्कर्ष निकाला कि ट्रायल 'काफी सफल' रहे। डायरेक्ट-टू-मोबाइल तकनीक के लिए दूसरे स्टेज के ट्रायल जल्द ही भारत में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है।
क्या है डायरेक्ट-टू-मोबाइल तकनीक?
डायरेक्ट-टू-मोबाइल या D2M ब्रॉडकास्ट और ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करता है और इसका उपयोग इंटरनेट या वाई-फाई कनेक्टिविटी की जरूरत के बिना सीधे यूजर को OTT और लाइव टीवी, वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट मैसेज जैसे कंटेंट को डिस्ट्रिब्यूट करने के लिए किया जा सकता है।
आसान भाषा में कहें तो यह FM रेडियो की तरह काम करता है जिसमें यूजर को एक फिक्स्ड फ्रिक्वेंसी पर जानकारी दी जा सकती है। यह तकनीक सेलुलर नेटवर्क पर लोड को भी कम कर सकती है क्योंकि फोन में रिसीवर को कंटेंट ब्रॉडकास्ट करने वाले सिग्नल को कैप्चर करने के लिए ट्यून किया जाएगा।
D2M तकनीक का उपयोग टीवी शो, समाचार, मैच, आपातकालीन अलर्ट और यहां तक कि सॉफ्टवेयर अपडेट के प्रसारण के लिए भी किया जा सकता है।


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