स्मार्टफोन उड़ा लेते हैं रातों की नींद

Written By:

क्या आपको पता है कि मोबाइल फोन की नीली रोशनी के कारण रात के समय भोर होने जैसा आभास होता है और हम अपनी आंखें खोलकर खिड़की के बाहर झांकने को मजबूर हो जाते हैं।

पढ़ें: अमेरिकी फोटोग्राफर ने 100 साल पहले खींची थी ये जबरदस्त तस्‍वीरें

शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि रात को सोने से पहले स्मार्टफोन और टैब्स को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इनकी रोशनी से नींद में खलल पड़ता है और व्यक्ति पूरी नींद नहीं ले पाता है।

मीडिया रपटों के अनुसार, अमेरिकन केमिकल सोसायटी के ब्रायन जोल्तोव्स्की ने कहा, "हमारे जीवन में सबसे बेहतरीन जैविक संकेत ये है कि किस वक्त भोर होती है। रात बीतने की घड़ी में जब हमें हल्की नीली रोशनी दिखाई देने लगती है, हम समझ जाते हैं कि सुबह होने वाली है। उसी तरह शाम घिरने के साथ नीली रोशनी की जगह लाल रोशनी होती है, जिससे हमें रात ढलने का आभास होता है और हमारा दिमाग सोने की तैयारी करता है।

पढ़ें: लोगों की बेतुकी हरकतों ने मचाया इंटरनेट पर धमाल

स्मार्टफोन उड़ा लेते हैं रातों की नींद

शाम की लाल रोशनी का संपर्क जब आंखो की गहराई में स्थित कोशिका में पाए जाने वाले प्रोटीन मेलानोप्सीन से होता है, तब ऐसा होता है। जोलतोव्स्की ने कहा, "जब रोशनी इस प्रोटीन के संपर्क मं आती है, तो कोशिकाएं दिमाग के मास्टर क्लॉक को संदेश प्रेसित करती हैं कि कम हमें सोना है और कब जगना है।

नीली रोशनी के संपर्क में आते ही कोशिकाएं दिमाग को जगने का संकेत भेजने लगती हैं और गहरी नींद के बीच में खलल पड़ती है। शोधकर्ताओं की सलाह है कि रात के समय अच्छी और पूरी नींद लेने के लिए अपने स्मार्टफोन और टैबलेट को सोते समय नजर की पहुंच से दूर रखना चाहिए।

Please Wait while comments are loading...
कौशांबी में जलती चिता से पुलिस ने उठवाई लाश, जानिए वजह...
कौशांबी में जलती चिता से पुलिस ने उठवाई लाश, जानिए वजह...
गोरखपुर हादसे में डीएम ने सौंपी जांच रिपोर्ट, हुए चौंकाने वाले खुलासे
गोरखपुर हादसे में डीएम ने सौंपी जांच रिपोर्ट, हुए चौंकाने वाले खुलासे
Opinion Poll

Social Counting