आधार कार्ड किया हैक, सब रह गए हक्का-बक्का
जहां एक ओंर आधार कार्ड को बैंक से लेकर पेन कार्ड को जोड़ने का अभियान सरकार जोरों पर चलाए हुए है वहीं इसकी सुरक्षा को लेकर ढेरों सवाल उठ रहे हैं।

आधार कार्ड में सेव हमारा डेटा कितना सुरक्षित है हाल ही में हुई एक घटना ने इसकी पोल खोल कर रख दी जब एक शख्स ने मात्र 6 घंटे में आधार कार्ड में सेव सारी जानकारी सबके सामने खोल कर रख दी, ये कोई पहली घटना नहीं है आधार कोर्ड की सुरक्षा को लेकर ऐसी कई दूसरी घटनाएं भी घट चुकी हैं।
सर्वर हैक करने के आरोप में आईआईटी के एक छात्र को गिरफ्तार किया गया जिसने जांच टीम के सामने आधार कार्ड को हैक करने के सारे तरीके बात डालें इसे सुनकर जांच टीम के होश फाख्ता हो गए कि आधार कार्ड को हैक करना ज्यादा मुश्किल नहीं है।

अभिनव नाम के इस व्यक्ति ने बताया कि आधार कार्ड का डेटा पाने के लिए किस तरह से वो सरकार वेबसाइट को अपना निशान बनाता था। जांच टीम ने अपने सामने हैक करने की पूरी प्रक्रिया को रिकार्ड भी करवाया ताकि बाद में इसका विशलेषण किया जा सके।
अभिनव ने बताया साइट के यूआएल में HTTPS नहीं है जिसकी वजह से उसे इसे हैक करने में ज्यादा मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा। हम आपको बता दें HTTPS को HTTP का सिक्योर वर्जन कहा जाता है जो साइट को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है।

कैसे पकड़ा गया हैकर
यूनिक आइडेंटिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने अभिनव के खिलाफ 26 जुलाई को डेटा चोरी करने की शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार किया। अभिनव एक दूसरी कंपनी के साथ मिलकर एप की मदद से आधार कार्ड की जानकारियां चोरी करता था।
कालेज में ही शुरु कर दी थी हैकिंग की कोशिश
जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि कालेज में अभिनव ने 2012 में क्वार्ट टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी खोली थी जिसमें उसने करीब 1 लाख रुपए खर्च किए थे लेकिन 37,157 रुपये का घाटा होने के बाद उसने इस कंपनी को बंद कर दिया। अभिनव ने अपनी लिंक्डइन एकाउंट में खुद को ओला में हैकर बताया है साथ ही ये भी पता चला अभिनव बेंगलूरु के इंदिरानगर में रहता था। वैसे गूगल प्ले स्टोर में उसकी कंपनी द्वारा बनाई गई एप अब मौजूद नहीं है।


Click it and Unblock the Notifications







