Independence Day 2024 Special: जानें Tech इंडस्ट्री और इनोवेशन के भविष्य को आकार देने वाले भारतीय सीईओ
Independence Day 2024 Special: ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लगातार विकसित हो रहे लैंडस्कैप में भारतीय सीईओ प्रमुख शख्सियतों के रूप में उभर रहे हैं। जैसा कि हम सब इस साल 78वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2024) मनाने जा रहे हैं, तो ऐसे में उन सीईओ को नजरअंदाज करना बहुत ही गलत होगा, जिन्होंने इनोवेशन को बढ़ावा दिया है।
साथ ही उद्योग के भविष्य को नया आकार दिया है। सिलिकॉन वैली के दिग्गजों ने न केवल बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है, बल्कि सफलतापूर्वक के अभूतपूर्व मानक भी स्थापित किए हैं।

अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने एक बार कहा था कि आप भारतीय हैं या आप अमेरिकी में सीईओ नहीं बन सकते हैं। एरिक ने जो कहा वह एक बयान था, जो कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारतीय अधिकारियों की रिमार्केवल जर्नी औप प्रभाव पर भी प्रकाश डालता है।
अपनी दृढ़ता, बुद्धिमत्ता और उत्कृष्टता की निरंतर खोज के साथ उन्होंने अपनी कंपनियों को अद्वितिय ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद की है। हमारा ये आर्टिकल उन 5 भारतीय सीईओ के बारे में हैं, जो कि टेक्नोलॉजी की दुनिया पर राज करते हैं। भारत से लेकर दुनियाभर पर राज करने वाले इन लोगों को कभी मत भूलना।
चलिए जानते हैं कि आखिर ये सीईओ हैं कौन
सुंदर पिचई, सीईओ, Google और Alphabet: स्टेट काउंटर 90% मार्केट शेयर के साथ Google का सबसे व्यापर रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला सर्च इंजन है। 1998 में अपनी स्थापना के बाद से इसे कंपनी ने सर्च इंजन टेक्नोलॉजी में मजबूत उपस्थिति के साथ टेक इंडस्ट्री पर दबदवा बना लिया है। IIT ग्रेजुएट सुंदर पिचई 2004 में प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मैनेजमेंट के रूप में Google में शामिल हुआ।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने Chrom OS जैसे विभिन्न सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स के विकास का निरीक्षण किया। सुंदर पिचई को Gmail, Google Docs, Google Sheet Google और Drive जैसे लोकप्रिय गूगल प्रोडक्ट्स की देखरेख करन की जिम्मेदारी दी गई थी। गूगल में उनके द्वारा की गई शानदार परफॉर्मेंस के लिए उन्हें 2015 में लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन द्वारा चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया गया था।
बाद में उन्होंने दिसंबर 2019 में Alphabet का सीईओ नियुक्त किया गया। ब्लूमवर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, सुंदर पिचई अरबपति बनने की कगार पर जा पहुंचे, जो किसी भी नॉन-फाउंडर टेक एक्जिक्यूटिव ने कभी भी हासिल नहीं किया है।
सत्या नेडला, Microsoft CEO: Microsoft के सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट दुनियाभर में व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। WifiTalents के आंकडों के अनुसार, 2020 में दुनियाभर में 1.2 बिलियन से अधिक लोगों ने Microsoft Office का इस्तेमाल किया। आंकडे़ यह भी बताते हैं कि Microsoft PowerPoint Presentation Tool का मार्केट शेयर 95% है।
कर्नाटक से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट सत्या नडेला अपनी हाई एजुकेशन के लिए अमेरिका गए थे। सन माइक्रोसिस्टम्स में टेक्निकल स्टाफ के रूप में काम करने के बाद उन्होंने 2000 में माइक्रोसॉफ्ट सेंट्रल के वाइस प्रेसीडेंट के रूप में बड़ी टेक कंपनी में अपनी जर्नी को शुरू किया। 2009 में वह Microsoft Online Services के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट के रूप में चुने गए। इसके बाद उन्हें Server और Tools Division के प्रेसीडेंट के रूप में चुना गया है।
उनके नेतृत्व में रेवेन्यू ग्रोथ केवल 2 वर्षों में 16.6 बिलियन डॉलर से बढ़कर 20.3 बिलियन डॉलर हो गई। 2014 में स्टीव बाल्मर के पद छोड़ने के बाद फाउंडर बिल गेट्स को Microsoft का चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर बनाया गया। तब से सत्या ने फर्म को एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया है, जिसमें Artificial Intelligence में नोटेबल इनवेस्टमेंट शामिल है और इसमें सबसे खास OpenAI का है।
अरविंद कृष्णा, सीईओ, IBM: IBM दुनिया की सबसे बड़ी IT कंपनियों में से एक मानी जाती है, जो कि हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स के निर्माण के लिए जानी जाती है। मैक्रोट्रेंड्स के मुताबिक, 2023 में कंपनी का सालााना राजस्व 61.86 अरब डॉलर है। IIT कानपुर के पूर्व छात्र अरविंद कृष्षा 1990 में थॉमस जे.वाटसन रिसर्च सेंटर में IBM में शामिल हुए है।
अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंन विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई और अप्रैल 2020 में वे अध्यक्ष और सीईओ बने। अरविंद के नेतृत्व में रेड हैट को लगभग 34 बिलियन डॉलर में खरीदकर अब तक का अपना सबसे बड़ा अधिग्रहण किया।
उन्होंने कंपनी में काम करने के दौरान Artificial Intellegence, Blockchain Technology और Cloud Quantum Computing को सफलतापूर्वक एकीकृत किया है। उनकी उपलब्धियों के सम्मान में सीआरएन में उन्हें 2021 में वर्ष का सबसे प्रभावशाली कार्यकारी नामित किया।
शांतनु नारायण, Adobe सीईओ: Yahoo Finance के अनुसार, Adobe का वर्तमान में मार्केट कैपिटलाइजेशन $216.11 बिलियन है। 33 मिलियन पेड़ मेंबर्स के साथ एडोब सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में सबसे आगे है। शांतनु नारायण ने हैदराबाद से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए। अपने शुरुआती करियर में नारायण ने 1989 से 1995 तक एप्पल में काम किया।
1998 में वे वर्ल्डवाइड प्रोडक्ट डेवलपमेंट के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट के रूप में Adobe में शामिल हुए। बाद में 2007 में उन्हें चीफ एक्जिक्यूटिब ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया। अपने कार्यकाल के दौरान शांतनु ने कंपनी को सब्सक्रिप्शन तक पहुंचाया। बिजनेस मॉडल को Macromedia और Omnituter जैसी कंपनियों द्वारा सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है, जिसका मूल्य क्रमश: $3.4 बिलियन $1.8 बिलियन है।
जयश्री उल्लाल, सीईओ, अरिस्टा नेटवर्क्स: Arista Network Multilayer नेटवर्क स्विच डिजाइन करने और बेचने में विषेषज्ञता वाली कंपनी है। Data Center Cloud और Networking सेक्टर में एक मेजर कॉम्प्टिटर, उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स के लिए कई पुरस्कार हासिल किए हैं। 2021 में उन्हें ग्लोबल इन्फोसेक अवॉर्ड्स द्वारा 'बेस्ट प्रोडक्ट इन फायरवेल' से सम्मानित किया गया।
जयश्री उल्लाल ने 1981 में सैन फ्रांसिस्को स्टेस यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री के साथ ग्रेजुएशन की। उन्होंने एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) और Fairchild Semiconductor में काम करके अपने करियर की शुरुआत की। बाद में वे नेटवर्किंग स्टार्टअप Crescendo Communcations से जुड़ गए, जिसे सिस्को ने अधिग्रहत कर लिया था।
जयश्री ने 15 वर्षों तक Cisco में काम किया और बाद में कंपनी की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चुनी गई। अक्तूबर 2008 में वह Arista Network की प्रेसीडेंट और सीईओ बनी। उनके ने नेतृत्व में Arista Network 2014 में सार्वजनिक हुआ और एक सफल IPO आया।
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