अभी कुछ ही समय हुआ था कि वानाक्राई मालवेयर के अटैक ने सभी को हिला कर रख दिया था, लेकिन अब एक और मालवेयर है जो करोड़ों कंप्यूटर को अपना शिकार बना चुका है। जियो यूज़र्स हैं तो खुश हो जाएं, जियो एक बार फिर नंबर 1 अब तक 25 करोड़ कंप्यूटरों को प्रभावित कर चुका है और इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत भी शामिल है। वायर्ड डॉट कॉम ने शुक्रवार की रिपोर्ट में कहा है कि फायरबॉल को ब्राउजर को हैक करने के लिए डिजायन किया गया है। यह डिफाल्ट सर्च इंजन गूगल को बदल देता है और बीजिंग स्थित डिजिटल मार्केटिंग फम राफोटेक की तरफ से प्रभावित यूजर के वेब ट्रैफिक की निगरानी करता है। फर्म ने यह भी कहा कि इस मालवेयर में पीड़ित के मशीन पर किसी भी प्रकार के कोड को दूर बैठे ही रन करने तथा नए द्वेषपूर्ण फाइलों को डाउनलोड करने की क्षमता है। फोन में चलेगा नहीं दौड़ेगा इंटरनेट, ये है तरीका चेक प्वाइंट के शोध दल के प्रमुख माया होरोविट्ज का कहना है, 25 करोड़ के करीब कंप्यूटर बड़ी आसानी से इस मालवेयर के शिकार हो सकते हैं। यह मालवेयर कंप्यूटरों के एक्सेस के लिए बैकडोर सॉफ्टवेयर इंस्टाल कर देता है, जिसकी मदद से मॉलवेयर हमला करने वाले चीन के हैकर आसानी से उनका शोषण कर सकते हैं। चेकप्वाइंट ने अपने ग्राहकों के नेटवर्क के विश्लेषण के आधार पर अनुमान लगाया है कि दुनिया भर में कॉरपोरेट नेटवर्क के पांच में से एक कंप्यूटर इस मालवेयर से प्रभावित हैं।