क्‍या आप जानते हैं भारत में सबसे स्‍लो हैं इंटरनेट की स्‍पीड

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अगर आप अपनी इंटरनेट स्‍पीड से पेरशान हैं तो ये सिर्फ आपकी नहीं बल्‍कि पूरे भारत की समस्‍या हैं, हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में इंटरनेट की सबसे कम स्‍पीड है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में मिलने फास्‍ट इंटरनेट स्‍पीड यानी 10 एमबीपीएस की स्‍पीड केवल 0.7 प्रतिशत लोग ही प्रयोग कर पाते हैं। इंटरनेट कॉन्टेंट डिलिवरी नेटवर्क, अकामाई द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट के अनुसार भारत इंटरनेट स्‍पीड के मामले में 118वें नंबर पर है इसके बाद थाईलैंड, इंडोनेशिया, फिलिपींस और वियतनाम का नाम आता है।

अकामाई द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में केवल वहीं यूजर शामिल किए गए हैं जिनको 4 एमबीपीएस से ज्‍यादा की स्‍पीड मिलती है। वहीं दूसरी ओंर अगर ग्‍लोबली इंटरनेट स्‍पीड पर नजर डालें तो सबसे कम स्‍पीड 3.9 एमबीपीएस और साधारण इंटरनेट स्‍पीड 21.2 एमबीपीएस है जिसके मुकाबले भारत में औसतन इंटरनेट स्‍पीड 12 एमबीपीएस है।

कैसे बढ़ाए अपने पीसी की स्‍पीड ?

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पीसी स्‍पीड कम करने के साथ कंप्‍यूटर वॉयरस पीसी की जरूरी फाइलों को भी नुकसान पहंचा सकते है इसलिए हफ्ते में एक बार अपने पीसी वॉयरस स्‍कैन प्रोग्राम को जरूर रन कराए, यह आपके कंप्‍यूटर में छिपे खतरनाक वॉयरस को ढू़ड़ कर उन्‍हें खत्‍म कर देगा। नेट पर कई ऑनलाइन फ्री वॉयरस स्‍कैनर भी उपलब्‍ध हैं जिन्‍हें डाउनलोड करने की भी जरूरत नहीं पड़ती।

कम से कम दो महिनों में एक बार स्‍कैनडिस्‍क प्रोग्राम को अपने पीसी में जरूर रन करांए, इस प्रोग्राम के जरिए कंप्‍यूटर हार्ड डिस्‍क में अनवांटेड फाइलें रिमूव हो जाती हैं। जिससे हार्डडिस्‍क का स्‍पेस बढ़ जाता है। प्रोग्राम को रन करने से पहले एक बात का विशेष ध्‍यान रखें कि आपके कंप्‍यूटर में कोई भी प्रोग्राम पहले से रन न कर रहा है हो इसका पता कंट्रोल + ऑल्‍ट + डिलीट करके लगा सकते है इन ऑप्‍शन को क्लिक करके एक बॉक्‍स ओपेन होगा जिसमें कंप्‍यूटर में चल रहें सभी प्रोग्रामों के बारे में सारी जानकारी दी गई होगी, बॉक्‍स के नीचे दिए गए इंड टास्‍क ऑप्‍शन को चूज कर रन हो रहें प्रोग्राम को बंद कर सकते हैं।

कभी-कभी पीसी पर वर्चुअल मैमोरी फुल हो जाती है जो सीधा असर कंप्‍यूटर की स्‍पीड पर डालती इसलिए हमेशा टेम्‍परेरी फाइलों को डिलीट करते रहें, इन्‍हें डिलीट करने के लिए स्‍टार्ट बटन में जाकर रन पैनल में %temp% लिखकर ओके कर दें आपके पीसी में सेव सभी टेम्‍परेरी फाइले आपेन हो जाएंगी जिन्‍हें सेलेट कर डिलीट कर दें, इन टेम्‍परेरी फाइलों को डिलीट करने से ओरिजनल फाइलों को कोई नुकसान नहीं होगा और साथ में रीसाइकिल बिन भी समय-समय पर खाली करते रहें।

अगर आप 10 साल पुराना पीसी प्रयोग कर रहे हैं तो उसकी स्‍पीड को बढ़ाने के लिए आपको थोड़ा हार्डवेयर भी बदलना पड़ सकता है क्‍योंकि आजकल की ऑनलाइन साइट्स और 10 साल की ऑनलाइन साइट्स में काफी अंतर आ चुका है। अगर आपको लगता है पीसी की रैम कम है तो उसे थोड़ा बढ़वा लें या या फिर विंडो एक्‍सपी प्रयोग कर हैं तो कम से कम विंडो 8 न सहीं विंडो 7 इंस्‍टॉल कर लें।

अक्‍सर हमारी आदत होती है पीसी में कुछ भी नेट से सेव करना है तो वो सीधे डेस्‍कटॉप में सेव कर लेते हैं। लेकिन इससे आपके पीसी की स्‍पीड धीरे-धीरे धीमी हो जाएगी क्‍योंकि डेस्‍कटॉप हमेशा काम करना रहता है जिसकी वजह से उसमें सेव डेटा भी रैम खर्च करता है वहीं अगर आप ये डेटा किसी ड्राइव में रखेंगे तो जरूरत पड़ने पर ही पीसी उसे ओपेन करेंगे।

पीसी का ऑपरेटिंग सिस्‍टम हमेशा सिस्‍टम फाइल में कुछ बदलाव करता रहता है इनमें से कुछ फाइलें करप्‍ट हो जाती है तो बेकार की जगह घेरती हैं। पीसी में "System File Checking" की मदद से आप ये करप्‍ट फाइल सर्च कर सकते हैं और उन्‍हें हटा सकते हैं या फिर उन्‍हें रिपेयर कर सकते हैं।

पीसी में ढेरों सॉफ्टवेयर इंस्‍टॉल करने का कोई मतलब नहीं अगर आप उन्‍हें प्रयोग नहीं करते, खासकर जब आपके पीसी की इंटरनल मैमोरी कम हो। इसके लिए आप अपने पीसी में सेव बेकार के सॉफ्वेयर अनइंस्‍टॉल कर दें।

विंडो में कई तरह के विज़अल इफेक्‍ट होते हैं जैसे लाइव स्‍क्रीन सेवर, एनिमेशन अगर आपके पीसी या लैपटॉप में कम मैमोरी है तो अपने पीसी में सिंपल स्‍क्रीन सेवर लगाएं।

अगर ऊपर दिए गए सभी तरीकों को करने के बाद भी आपके पीसी की स्‍पीड में कुछ खास बदलाव नहीं आता तो आखिर में पीसी की हार्डड्राइव को डीफ्रेगमेंट कर दें। डीफ्रेंगमेंट की मदद से हार्डडिस्‍क में सेव फाइल सही तरीके से सेव हो जाती है जिससे पीसी को उन्‍हें ढूड़ने में दिक्‍कत नहीं होती।

अगर फिर भी आपके पीसी की स्‍पीड तेज नहीं होती तो अपने पीसी के ओएस को फिर से इंस्‍टॉल करें या फिर उसे रिपेयर करें लेकिन इसके लिए आपके पास विंडो ओएस की सीडी होनी चाहिए। अगर आप ओएस को रीइंस्‍टॉल करना नहीं जानते तो अकेले भूल कर भी ओएस री इंस्‍टॉल न करें। ओएस रीइंस्‍टॉल करने के बाद आपके पीसी के वॉयरस और सॉफ्टवेयर अनइंस्‍टॉल हो जाएंगे जिसे बाद में आप इंस्‍टॉल कर सकते हैं।


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