इस इंजिनियर ने जो किया उसे कभी नहीं भूल पाएंगे आप!
भारत से यूके जाने के लिए आप क्या करेंगे! जाहिर है फ्लाइट की टिकेट बुक करेंगे, वीजा के लिए अप्लाई करेंगे और हो जाएंगे फुर। लेकिन नवीन राबेली नाम के एक इंजिनियर ने अपने इस सफ़र को फ्लाइट नहीं बल्कि टुक-टुक से पूरा किया। टुक-टुक कुछ और नहीं बल्कि नवीन का अपना सोलर रिक्शा है।

नवीन के द्वारा खुद डिजाईन किया व बनाया गया यह सोलर रिक्शा एक महीने में 10 देशों की यात्रा करेगा। इस रिक्शा को बनाने में नवीन के दोस्तों ने भी उसकी मदद की है।



दरअसल टुक-टुक भारत में काफी चलते हैं। लेकिन इससे प्रदुषण भी काफी होता है। नवीन ने तीन साल पहले एक सेकंड हैंड टुक टुक से इस सब की शुरुआत की और अपने इस रोमांचक सफ़र की तैयारी भी शुरू कर दी। इससे पहले नवीन महिंद्रा एंड महिंद्रा में काम करता था।

नवीन के इस रिक्शा का वजन आम रिक्शा से दोगुना ज्यादा है। इस रिक्शा की छत सोलर पैनल से बनाई गयी है। यह टुक टुक एक चार्ज में 100 किमी की दूरी तय कर सकता है। यह 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी सूरज से लेता है वहीं बाकी इसे बैटरी से मिलती है।


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