WhatsApp से किस जासूसी के मामले में भारत सरकार ने जवाब मांगा है...?
व्हाट्सएप को लेकर आए दिन कोई ना कोई जानकारी सामने आती रहती है। वहीं, व्हाट्सएप में यूजर्स की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते रहते हैं। बता दें, व्हाट्सएप पर जासूसी को लेकर गृह मंत्रालय ने अपना एक बयान पेश किया है। गृह मंत्रालय का कहना है कि सरकार पर लगाए जा रहे निजता के हनन के आरोप पूरी तरह से बेबुनियादी हैं। वहीं इन आरोपों के चलते सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश भी की जा रही है। गृह मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि सरकार निजता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है वहीं दोषियों पर कड़ी कार्रवाही भी की जाएगी।

बता दें, व्हाट्सएप पर भारतीय नागरिकों की गोपनीयता भंग करने से संबंधी रिपोर्टों के आधार पर कुछ बयान सामने आए हैं। मंत्रालय ने कहा कि सरकार भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, अगर कोई गोपनीयता को भंग करने की कोशिश करेगा सरकार उसपर कार्रवाई भी करेगी।
सरकार लगातार प्रयास करती आ रही है कि किसी निर्दोष नागरिक का उत्पीड़न न हो सके सके। वहीं ऐसे में सरकार पर अपने पर लगाए जा रहे आरोपों का खंड़न कर रही है। इस पूरे मामले में अब केंद्र सरकार व्हाट्सएप से जवाब मांग रही है। व्हाट्सएप को इस मामले में सरकार को 4 नवंबर तक अपना उचित जवाब देना होगा।
क्या है पूरा मामला
व्हाट्सएप ने कुछ समय पहले कहा कि स्पाईवेयर पीगासस भारत में भी एक्टिव था और यहां के लोगों की भी जासूसी कर रहा था। व्हाट्सएप ने इंडियन एक्स्प्रेस को यह भी बताया कि भारतीय पत्रकार और ह्यूमन राइट ऐक्टिविस्ट्स इस जासूसी का टार्गेट थे। हालांकि स्पाईवेयर के जरिए कितने भारतीय लोगों की जासूसी की गई है इस बात की जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।
बता दें, पीगासस का इस्तेमाल कोई आम इंसान नहीं कर सकता है और इसे NSO Group ने सरकारों के लिए बनाया गया है। ऐसे में सरकार पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी के चलते मंत्रालय ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वह निजता का हनन करने वालों को सख्त से सख्त सजा देगी। साथ ही सरकार व्हाट्सएप के जवाब का भी इंतजार करेगी।


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