हवाईअड्डों पर होगा नन-इनवेसिव स्कैनर
हवाईअड्डों पर मौजूद इनवेसिव एक्स-रे स्कैनर क्या आपको भी घबराहट होती है? अब चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि आने वाले समय में इनवेसिव एक्स-रे बीते जमाने की बात हो जाएगी और उसकी जगह पर नई तकनीक का विकल्प मौजूद रहेगा।
हाल ही में संपन्न हुए इंडिया एविएशन एयर शो में पेश किए गए थ्रुविजन स्टैंडऑफ ऑब्जेक्ट डिटेक्शन प्रणाली पैसिव मिलीमीटर के तरंगों के माध्यम से शरीर में मौजूद किसी भी बाहरी तत्व का पता लगा सकता है।
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यह प्रणाली मौजूदा समय में लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे और अमेरिकी हवाईअड्डों पर छिपे बम का पता लगाने के लिए उपयोग में लाई जा रही है। यह प्रणाली बुरके में छिपाए गए बम और विस्फोटकों का भी पता लगा सकती है।

भारत के ऑफसेट इंडिया सोल्युशन (ओआईएस) के निदेशक बिमल सरीन ने पत्रिका इंडिया स्ट्रेटेजिक को बताया कि भारत में इस प्रणाली का प्रस्ताव ब्रिटेन की डिजीटल बेरीज एवं इंडिया की ओआईएस लेकर आई है।
उन्होंने कहा कि यह उपकरण बेहद सरल, वजन में हल्का, सुरक्षित और सैन्य अभियानों के लिए मददगार और साथ ले जा सकने वाला है। इस नन-इनवेसिव स्कैनर प्रणाली में टेराहर्ट्ज और विजिबल बैंड इमेजिंग का प्रयोग किया जाता है। इस माध्यम से धातु, प्लास्टिक, मिट्टी, द्रव्य, जेल और पाउडर तक का पता लगाया जा सकता है।


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