5G नहीं 6G देने वाला है भारत में दस्तक, केंद्रीय मंत्री वैष्णव का दावा 2023 के अंत तक होगा लॉन्च
भारत ने 5G लॉन्च नहीं किया है, लेकिन अब देश पहले से ही 6G के लिए कमर कस रहा है। संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत को 2023 के अंत या 2024 तक स्वदेशी रूप से विकसित 6G टेक्नोलॉजी मिल जाएगी। वैष्णव ने फाइनेंशियल टाइम्स और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित एक वेबिनार में ऐसा कहा है। मंत्री ने पुष्टि की कि टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को आवश्यक अनुमति पहले ही प्रदान की जा चुकी है।

6G में भारत द्वारा डिज़ाइन किया गया सॉफ़्टवेयर, घरेलू टेलीकॉम इक्यूपमेंट होंगे
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत 6G (6जी) के लिए सेल्फ-डिज़ाइन्ड किए गए टेलीकॉम सॉफ़्टवेयर और घरेलू टेलीकॉम इक्यूपमेंट की ओर बढ़ रहा है। 6G नेटवर्क के लिए भारत में बने प्रोडक्ट्स को विश्व स्तर पर भी एक्सपोर्ट किया जा सकता है।
सिर्फ 6G ही नहीं, बल्कि वैष्णव ने कहा कि देसी 5G भी उसी तरह कार्ड में है। वैष्णव ने फिर कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में होने की संभावना है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) पहले से ही 5G स्पेक्ट्रम के लिए कंसल्टेशन प्रोसेस पर काम कर रहा है। रेगुलेटर के फरवरी या मार्च के अंत तक प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद है। यहां तक कि दूरसंचार ऑपरेटरों ने भी 5G टेस्टिंग अवधि के विस्तार की मांग की थी और उन्हें 31 मार्च, 2021 तक अतिरिक्त समय दिया गया था।
वैष्णव ने बताया कि भारत के दूरसंचार क्षेत्र से काफी तनाव दूर हो गया है। यह मुख्य रूप से सितंबर में सरकार द्वारा घोषित राहत उपायों के कारण है। मंत्री ने आगे कहा कि सरकार सुधारों के एक और सेट पर काम कर रही है, और यह अगले तीन से चार महीनों में सामने आ जाएगा।
जिन लोगों को पता नहीं उनको बता दें कि सुधारों के पहले सेट में, सरकार ने टेलीकॉम ऑपरेटरों को अगले चार वर्षों के लिए स्पेक्ट्रम और एडजेस्टेड ग्रॉस रिविन्यु (एजीआर) देनदारियों को स्थगित करने की अनुमति दी। रिफॉर्म का अगला सेट इंडस्ट्री को और मजबूत करेगा। सरकार ने ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई की भी अनुमति दे दी है।


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