एसएमएस पर रोक जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने लगाई थी : बीएसएनएल
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने गुरुवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में प्रीपेड मोबाइलों पर एसएमएस सेवा प्रतिबंधित करने का फैसला केंद्र सरकार का नहीं, वरन राज्य सरकार का था। एक कार्यकर्ता द्वारा राज्य मानवाधिकार आयोग में दायर एक याचिका के जवाब में बीएसएनएल ने इसका रहस्योद्घाटन किया।
राज्य में प्रीपेड मोबाइल पर एसएमएस सेवा 2008 में अमरनाथ भूमि विवाद आंदोलन के कारण बंद की गई थी। बीएसएनएल ने राज्य मानवाधिकार आयोग को बताया कि इस बारे में फैसला राज्य सरकार के गृह मंत्रालय ने लिया था। याचिका में मांग की गई है कि प्रीपेड मोबाइल सेवा पर एसएमएस की पाबंदी हटा ली जाए क्योंकि राज्य में ट्विटर और फेसबुक जैसी सेवाओं के चलते यह प्रतिबंध अप्रासंगिक है।

उधर, एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि यह फैसला बढ़िया है क्योंकि प्रीपेड सिमकार्ड बिना उचित पड़ताल के जारी कर दिए जाते हैं। पहले भी आतंकवादियों के पास से दर्जनों सिमकार्ड जब्त किए जा चुके हैं। ऐसे कार्डो के उपयोग से आतंकवादी और असामाजिक तत्व परेशानी खड़े करने वाले संदेश भेजते हैं।


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