जियो : तिकोना एयरटेल सौदे से सरकार को होगा 217 करोड़ का नुकसान
रिलायंस जियो का दावा है कि उसके कॉम्पिटीटर एयरटेल की वजह से सरकार को करोड़ों का घाटा हो सकता है। जियो के मुताबिक, सरकार के रेवेन्यू पर करीब 217 करोड़ रुपए का असर पड़ सकता है।
टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो और जियो के बीच विवाद नया नहीं है। हाल ही में जियो ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित तिकोना-एयरटेल सौदे से सरकार को 217 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो के मुताबिक, अगर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास मौजूद स्पेक्ट्रम का यूज वॉयस कॉल के लिए किया जाएगा तो, इससे सरकार को करीब 217 करोड़ का घाटा होगा।

जियो इसके चलते टेलिकॉम डिपार्टमेंट तक भी पहुंच चुका है और कंपनी की मांग है कि वह इस अधिग्रहण सौदे को तब ही मंजूरी दे, जब एयरटेल ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को आईएसपी लाइसेंस से यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए भुगतान कर दे।
इसके अलावा जियो ने अपने तीन पेज के शिकायत पत्र में ये भी मांग की है कि उसे 1,658 करोड़ रुपए का वह शुल्क लौटाया जाए, उसने 2013 में अपने ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम को यूनिफाइड लाइसेंस में बदलने के लिए किया था।

बता दें कि एयरटेल ने मार्च महीने में ही देश की सबसे बड़ी कंपनी एयरटेल ने तिकोना (Tikona) डिजिटल नेटवर्क के 4G बिजनेस को खरीदने की घोषणा की थी, जिसमें भारती एयरटेल तिकोना का ब्रॉडबैंड वायरलेस एसेस स्पेक्ट्रम और पांच टेलीकॉम सर्किल में 350 साइट का अधिग्रहण शामिल होगा।


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