Jio इस मामले में एयरटेल को पीछे छोड़ सकती है

    2016 में टेलिकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो ने कदम रखा। जिसके बाद से टेलिकॉम कंपनियों में सबसे आगे रहने की होड़ मच गई है। कई टेलिकॉम कंपनियों ने जियो को टक्कर देने के लिए काफी सारे प्लान्स को लॉन्च किया। हालांकि कई कंपनियां अभी भी इसी होड़ में शामिल है।

    रिलायंस जियो ने कई कंपनियों को पीछे छोड़ा है जो कंपनियों को घाटे की तरफ ले जा रही है। भारत में मोबाइल सर्विसेज से होने वाली आमदनी के मामले में काफी समय में भारती एरयटेल सबसे आगे हैं, हालांकि इस बार कुछ नया देखने को मिल सकता है। बताया जा रहा है कि इस बार रिलायंस जियो भारती एयरटेल को पीछे छोड़ सकती है।

    Jio इस मामले में एयरटेल को पीछे छोड़ सकती है

     

    ऐसा दिसंबर 2018 क्वॉर्टर के लिए हो सकता है। एनालिस्ट्स ने बताया कि जियो एक बार फिर नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि सब्सक्राइबर्स की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी के कारण प्रॉफिट ग्रोथ बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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    बता दें, देश की नई टेलिकॉम मार्केट लीडर वोडाफोन-आइडिया और दूसरी बड़ी कंपनी एयरटेल को कॉस्ट बढ़ने के कारण घाटे का सामना करना पड़ सकता है। जिसका मुख्य कारण उन्होंने कहा कि आमदनी में कम गिरावट के बावजूद ऐसा होगा। इन कंपनियों के मिनिमम रिचार्ज प्लान का असर दिखने लगा है जिससे ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी एआरपीयू में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

    एयरटेल को लॉस

    ब्रोकरेज हाउसेज ने बताया कि भारती एयरटेल को तीसरी तिमाही में 649 करोड़ से 1141 करोड़ रुपये तक का नेट लॉस होगा। ऐसा 16 वर्षों में पहली बार हो सकता है। वहीं, जियो लगातार पांचवीं तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ दर्ज कर सकती है। आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज ने कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 49 प्रतिशत बढ़कर 751 करोड़ रुपये होने का अनुमान दिया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में जियो की आमदनी तिमाही दर तिमाही आधार पर करीब 12 प्रतिशत बढ़कर 10327 करोड़ रुपये रह सकती है।

     

    वोडाफोन-आइडिया को होगा कम घाटा

    जहां एक तरफ रिलायंस जियो भारती एयरटेल को पीछे छोड़ सकती है। वहीं, ब्रोकरेज आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज का अनुमान है कि वोडाफोन-आइडिया को तीसरी तिमाही में 4001.17 करोड़ रुपये का नेट लॉस हो सकता है। हालांकि यह जुलाई-सितंबर तिमाही में दर्ज 4974 करोड़ रुपये के घाटे से कम ही होगा। जिसका मुख्य कारण दोनों कंपनियों के तालमेल है। यह कंपनी दूसरी बार कंसॉलिडेटेड अर्निंग्स का आंकड़ा पेश करेगी। ब्रोकरेज क्रेडिट सुइस और आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में वीआईएल की आमदनी 11414-11703 करोड़ रुपये के बीच रहेगी। जुलाई-सितंबर पीरियड में आमदनी 12000 करोड़ रुपये थी।

    मिनिमम रिचार्ज प्लान का असर

    ब्रोकरेज क्रेडिट सुइस और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बताया कि तीसरी तिमाही में भारती एयरटेल का इंडिया मोबाइल रेवेन्यू 997-10148 करोड़ रुपये की रेंज में हो सकता है। ब्रोकरेज एक्सिस कैपिटल ने कहा, 'वायरलेस रेवेन्यू (भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया) तीसरी तिमाही में भी घटेगा, हालांकि लो-ऐंड कंज्यूमर्स से एआरपीयू में सुधार लाने के लिए कंपनियों की ओर से उठाए गए कदमों के कारण वायरलेस रेवेन्यू में कमी ज्यादा नहीं रहेगी।' देश की दो पुरानी टेलिकॉम कंपनियों ने अक्टूबर में मिनिमम रिचार्ज प्लान लॉन्च किए थे। इसका मकसद रेवेन्यू जेनरेट न करने वाले लो-एंड यूजर्स से किनारा करना और एआरपीयू में सुधार लाना था।

    English summary
    In the case of income from mobile services in India, Bharti Aretel is at the forefront in quite a while, although this time something new can be seen. It is being told that this time Reliance Jio Bharti could be behind Airtel. It could be for the December 2018 quarter.
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