सुरक्षित नहीं है वाई-फ़ाई कनेक्शन

    हम सभी वाई-फ़ाई का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि वाई-फ़ाई का एनक्रिप्शन प्रोटोकॉल डबल्यूएपी2 पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। जब आप वाई-फ़ाई से कनेक्टिड रहते हैं तो आपके वाई-फ़ाई पर साइबर अटैक हो सकता है और आपका डेटा गलत हाथों में जा सकता है।

    सुरक्षित नहीं है वाई-फ़ाई कनेक्शन

    रिसर्चर मैथि वेनहेफ के अनुसार यह अतिसंवेदनशीलता एक क्रैक है जो डबल्यूएपी 2 वाई-फ़ाई को असुरक्षित बनाता है। उनके अनुसार यह क्रैक आपके सिस्टम पर अटैक कर सकता है।

    क्रैक अतिसंवेदनशीलता क्या है?

    क्रैक (की रिइन्स्टालेशन अटैक) फॉर-वे ओथेंटिकेशन में थर्ड-स्टेप को टार्गेट करता है जब आपका डिवाइस वाई-फ़ाई से कनेक्टिड रहता है। थर्ड स्टेप के दौरान, एनक्रिप्शन की कई बार भेजी जा सकती है, इसके बाद अटेकर ट्रांसमिशन को कई तरीकों से रिप्ले करते हुये वाई-फ़ाई सिक्योरिटी एनक्रिप्शन को तोड़ सकता है।

    हालांकि कोई भी डिवाइस इस अटैक का शिकार हो सकता है लेकिन कुछ डिवाइसों में इसका खतरा ज़्यादा रहता है।

    जब आपका डिवाइस वाई-फ़ाई से कनेक्टिड रहता है तो अटेकर्स नेटवर्क पर भेजे जाने वाले और प्राप्त होने वाले डेटा को चुरा लेते हैं। ये क्रेडिट कार्ड के नंबर, पासवर्ड, ई-मेल, चैट मैसेज, फोटो आदि संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं।

    इस क्रैक से कैसे सुरक्षित रहें?

    वाई-फ़ाई क्रैक की इस समस्या से सुरक्षित रहने का तरीका है कि आप अपने डिवाइस को अप-टू-डेट रखें। रिसर्चर के अनुसार इस इम्प्लीमेंटेशन को बैकवर्ड कंपिटेबल मैनर द्वारा रोका जा सकता है।

    इसका मतलब है कि इससे सुरक्षा के लिए आप अपने डिवाइस को अप-टू-डेट कर सकते हैं लेकिन कोई हार्डवेयर जो अनपैचड है वो अटैक का शिकार हो सकता है। जब तक कि वाई-फ़ाई की इस समस्या के प्रति पूरी तरह जागरूकता नहीं आती है तब तक इससे सुरक्षित रहने के लिए ज़रूरी है कि आप वाई-फ़ाई का इस्तेमाल ना करें और इंटरनेट के लिए वायर वाले ईथरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल ही करें।

    कौनसे डिवाइस को ज़्यादा खतरा है?

    हालांकि हर डिवाइस से डेटा भेजा जाता है और प्राप्त किया जाता है इसलिए हर डिवाइस को इसका खतरा है, लेकिन एंडरोइड डिवाइसों को इससे खतरा ज़्यादा है। एंडरोइड 6.0 मार्शमैलो और इसके बाद के वर्जन्स को खतरा ज़्यादा है।

    एप्पल ने एक स्टेटमेंट रिलीज किया है कि आईओएस, वाचआईओएस, मैकओएस, टीवीओएस बीटा अपडेट में वाई-फ़ाई क्रैक से सुरक्षा को फिक्स किया गया है। माइक्रोसॉफ्ट भी विंडोज 10 को इस क्रैक से दूर रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

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    Get to know more about the KRACK Wi-Fi flaw that might put all your data at risk when you use Wi-Fi.
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