IOA: तेजी से फ़ैल रही है ये बीमारी, क्या आपने सुना इसके बारे में?

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IOA एक खतरनाक बिमारी या फिर कहे एक ऐसा ड्रग जो आनॅलाइन लोगों के दिलो दिमाग में पहुंच उनकी जिंदगी बरबाद कर रहा है। अब आप सोचेंगे कि आपने इस बीमारी का नाम तक नहीं सुना है, फिर कैसे किसी की लाइफ खराब हो रही है ? आज जिस बीमारी की बात हम कर रहे हैं वो है IOA(Internet, Online, Apps) जिससे हमारा मतलब इंटरनेट, ऑनलाइन, ऐप्स, कुछ समझ आया ?

IOA: तेजी से फ़ैल रही है ये बीमारी, क्या आपने सुना इसके बारे में?

यहां हमारा इशारा है आज की लाइफस्टाइल की तरफ। जो ऑनलाइन हो चुकी है कपड़े से लेकर हम क्‍या करने जा रहे हैं क्‍या करेंगे सबकुछ ऑनलाइन से प्रेरित हो चुका है। मानो न मानों, इन सभी की शुरुआत होती है एक छोटे से स्मार्टफोन से।

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IOA: तेजी से फ़ैल रही है ये बीमारी, क्या आपने सुना इसके बारे में?

यह स्मार्टफोन ही है जिसने इंटरनेट, ऐप्स और ऑनलाइन होने के चलन को बड़ी तेजी से हवा दी है। आज फोन के बिना एक मिनट रहना भी लोगों को मंजूर नहीं है।
इतना ही नहीं, बड़ों के साथ आज बच्चे भी इस जाल में फंसते जा रहे हैं। बच्चों को बहलाने का एक बड़ा ही आसान रास्ता मिल गया है, फोन, ऐप्स और गेम्स।

IOA: तेजी से फ़ैल रही है ये बीमारी, क्या आपने सुना इसके बारे में?

ये सब नहीं तो सोशल मीडिया की लत, जो सबसे ज्यादा टीन ऐज में देखी जाती है। सोशल मीडिया पर खुद को कूल दिखाने के चक्कर में बच्चे क्या कुछ नहीं कर देते हैं, लेकिन क्या यह सही है ? आज हम इसी बारे में बात करेंगें।

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ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स

ऑनलाइन, ऐप्स, इंटरनेट, इन सभी चीजों की लोगों को आज इतनी आदत हो चुकी है, कि कोई ये भी मानने को तैयार नहीं है कि यह सब हमारी जरूरत नहीं बल्कि हमने इनकी लत पाल ली है। ऑनलाइन शॉपिंग से हमने खुद को यह दिलासा दिया कि इससे हमारा समय बचेगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग ने हमारी वाकई मदद की। ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने से लोगों ने बाहर जाना ही बंद कर दिया।

सोशल मीडिया ऐप्स

सोशल मीडियो ऐप्‍स ने कुछ चीजों को भले ही आसान कर दिया हो , लेकिन क्‍या आपको याद है कि आप आखिरी बार अपने दोस्तों से कब मिले थे? हम फेसबुक फ्रेंड्स से मैसेंजर पर मिलने की बात नहीं कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं दोस्तों के साथ शाम को पार्क में मिलने की। याद आया ?

कुछ इसी तरह का रुटीन होता था, जब स्कूल से घर आकर, अपना होमवर्क निपटाया और शाम को खेलने पार्क में चल पड़े। लेकिन आज हमारे दिनचर्या में न ही पार्क है और न ही वो दोस्त और खेल। सभी कुछ घर की चारदीवारी में बंद होकर एक छोटी सी स्‍क्रीन में समा गया है।

एंटरटेनमेंट ऐप्स

एक टाइम होता था जब एक साथ बैठकर सबका फेवरेट सीरियल देखा जाता था। लेकिन इन एंटरटेनमेंट के नाम पर बनीं ऐप्स ने अब वो भी नहीं रहने दिया। आज इंटरनेट पर वो कमर्शियल देख कर सच में हैरानी होती है जिनमें लोग अपने फोन से चिपके रहते हैं, और एक दूसरे पर ध्यान तक नहीं देते। हम यह नहीं जानते हैं कि हम भी ठीक वैसे ही होते जा रहे हैं।

 

जानलेवा ऑनलाइन चैलेंज

इस तरह के ऑनलाइन चैलेंज का हाल ही में एक उदाहरण सामने आया है जो कि है ब्लू व्हेल चैलेंज। इस चैलेंज के बारे में जितना मैंने पढ़ा और समझा है उससे तो यह एक चैलेंज नहीं बल्कि एक सुसाइड गाइड मालूम होता है। यह एक तरह का गेम है, जो कि करीब 50 दिनों का होता है। इसमें हर दिन आपको एक टास्क करने को मिलता है। यह टास्क बेहद खतरनाक और अजीबो गरीब होते हैं, और आखिर में आपको सुसाइड यानी मारने के लिए कहा जाता है।

हाल ही में इसका एक केस भारत के मुंबई शहर में देखा गया है, जहां एक 14 वर्षीय मनप्रीत ने इसी गेम के चलते अपनी बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान दे दी।

 


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English summary
Iife is all around Internet, apps and social media and popular smartphone, and is affected by them.
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