Home
News

क्या LPG संकट से धीमा होगा Mobile नेटवर्क विस्तार? टेलीकॉम कंपनियों ने जताई चिंता

देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। पहले इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार पर देखने को मिला था, लेकिन अब चिंता जताई जा रही है कि अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक बनी रही तो टेलीकॉम सेक्टर भी प्रभावित हो सकता है।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि LPG सप्लाई रुकने से टेलीकॉम टावर बनाने का काम धीमा पड़ सकता है, जिससे मोबाइल नेटवर्क के विस्तार में देरी हो सकती है। हालांकि अभी मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं और आम यूजर्स को कोई परेशानी नहीं हो रही है।

क्या LPG संकट से धीमा होगा Mobile  नेटवर्क विस्तार?

क्यों रुकी LPG सप्लाई?

रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों ने 5 मार्च से टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों को LPG देना बंद कर दिया है। यह फैसला सरकार के निर्देश के बाद लिया गया, जिसमें कहा गया कि LPG की सप्लाई सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित की जाए।

सरकार का उद्देश्य है कि घरों में खाना बनाने के लिए गैस की कमी न हो। लेकिन इस फैसले से उन उद्योगों को मुश्किल हो रही है जो अपने काम में LPG का इस्तेमाल करते हैं।

टावर बनाने में LPG का क्या काम होता है?

टेलीकॉम टावर बनाने की प्रक्रिया में LPG एक अहम भूमिका निभाता है। टावर के लोहे या स्टील के हिस्सों को जंग से बचाने के लिए उन्हें गैल्वनाइजेशन प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इसमें धातु को पिघले हुए जिंक से कोट किया जाता है ताकि वह लंबे समय तक मजबूत रहे।

इस प्रक्रिया के लिए बहुत ज्यादा तापमान चाहिए होता है, जिसे बनाए रखने में LPG का इस्तेमाल किया जाता है। अगर LPG नहीं मिलेगी तो टावर बनाने का काम धीमा हो सकता है।

नेटवर्क विस्तार पर क्या असर पड़ सकता है?

भारत में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत बनाने और नए इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगातार नए टेलीकॉम टावर लगाए जाते हैं।

अगर टावर लगाने में देरी होती है, तो इसका असर नेटवर्क कवरेज और इंटरनेट स्पीड सुधारने की योजनाओं पर पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के काम पर असर देखने को मिल सकता है।

अभी मोबाइल सेवाएं पूरी तरह सामान्य

टेलीकॉम कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर संगठनों का कहना है कि फिलहाल मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है।

लेकिन अगर LPG की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है, तो भविष्य में नेटवर्क विस्तार की गति धीमी हो सकती है। इससे नई साइट्स पर टावर लगाने में देरी हो सकती है।

उद्योग के सामने बढ़ सकती हैं चुनौतियां

LPG की कमी से टेलीकॉम टावर बनाने वाली कंपनियों को अब वैकल्पिक ईंधन या नई तकनीक तलाशनी पड़ सकती है।

इससे लागत बढ़ सकती है और प्रोजेक्ट पूरे होने में ज्यादा समय लग सकता है। अगर जल्दी समाधान नहीं मिला, तो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की रफ्तार पर असर पड़ सकता है।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना जरूरी

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि घरों में गैस की कमी न हो और आम लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।हाल के समय में LPG की मांग बढ़ी है और सप्लाई में भी कुछ रुकावटें आई हैं। ऐसे में घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी माना गया।

LPG की कमी एक ऐसी समस्या बनती जा रही है जिसका असर कई सेक्टरों पर पड़ सकता है। टेलीकॉम टावर निर्माण भी इससे अछूता नहीं है।

फिलहाल मोबाइल सेवाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक बनी रही तो नेटवर्क विस्तार की योजनाओं में देरी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि घरेलू जरूरतों और औद्योगिक मांग के बीच संतुलन बनाया जाए, ताकि देश की डिजिटल कनेक्टिविटी पर कोई बड़ा असर न पड़े।

More from GizBot

 
Best Mobiles in India

English summary
LPG crisis May Impact Telecom Tower Expansion In India
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X