LTE फोन यूजर्स हो जाएं सावधान, कभी भी हो सकता है हैक
चीनी शोधकर्ताओं के एक समूह ने दावा किया गया है कि इन फोन को अन्य स्मार्टफोन की तुलना में हैक करना ज्यादा आसान है। रिसर्चर ने घोस्ट टेलिफोनीस्ट नामक एक तकनीक पेश की थी, जिसके जरिए हैकर्स आसानी से LTE फोन हैकर कर सकते हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि LTE फोन में CSFB प्रोसिजर में ऑथेंटिकेशन स्टेप मिसिंग है, जो फोन को और भी असुरक्षित बनाता है।

हैकर्स समिट में रिपोर्ट पेश-
सिन्हुआ न्यूज एजेन्सी की रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स समिट ब्लैक हेट यूएसए 2017 में शामिल चाइना की लीडिंग सिक्योरिटी कंपनी 360 टेक्नोलॉजी ने रविवार को इस घोस्ट टेलिफोनीस्ट तकनीक का डेमो किया गया, जिसमें फोन से जुड़ी इस खामी के बारे में बताया गया।
ऑथेंटिकेशन स्टेप नहीं-
डेमो में सिक्योरिटी रिसर्चर ने CSFB (Circuit Switched Fall back) में एक खामी को पेश किया। टीम ने बताया कि सीएसएफबी प्रोसिजर में ऑथेंटिकेशन स्टेप गायब था।
फोन का सिक्योरिटी फंक्शन कमजोर-
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में यूनिकोर्न टीम वायरलेस सिक्योरिटी शोधकर्ता हुआंग लिन ने बताया कि इस खामी के चलते LTE फोन को आसानी से हैकिंग का शिकार बनाया जा सकता है। इस खामी की वजह से हैकिंग के अलावा भी फोन का सिक्योरिटी फंक्शन काफी कमजोर हो जाता है।उन्होंने ग्लोबल सिस्टम फोर मोबाइल कम्यूनिकेशन अलायंस (GSMA)को एलटीई फोन की इस खामी की जानकारी दे दी है।
कोई भी कर सकता है मोबाइल हैक-
टीम ने बताया कि गुम हुए मोबाइल के जरिए कोई भी गूगल अकाउंट का पासवर्ड रिसेट कर सकता है। इसके बाद फेक यूजर्स गूगल इमेल में क्लिक कर फॉर्गेट पासवर्ड कर सकता है। इसके बाद यूजर के मोबाइल पर वेरिफिकेशन कोड विक्टिम के मोबाइल पर आएगा और और आसानी से मोबाइल नंबर बदला जा सकता है। यूजर लगातार ऑनलाइन रहेगा और उसे इसकी जानकरी भी नहीं होगी।
यूजर को नहीं चलेगा पता-
हैकर यूजर के मोबाइल से कॉल और मैसेज भी कर सकता है। इस फोन नंबर के जरिए एडवांस हैकिंग भी की जा सकती है। विक्टिम को हैकिंग का पता भी नहीं चलेगा, जब तक 4जी या 2जी फेक बेस स्टेशन का यूज किया जाए। रिसर्च टीम ने कई ऑपरेटरों और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से इस बारे में बात की है। उनका कहना है कि वे इस कमी को ठीक करने के लिए ऑपरेटर और टर्मिनल के साथ सहयोग कर रहे हैं।


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