Lunar Eclipse 2025: क्या 'Blood Moon' देखना सच में अशुभ होता है? जानिए पीछे की साइंस
आज यानी रविवार (7 सितंबर) रात को साल का दूसरा और आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse 2025) होने जा रहा है। यह ग्रहण रात 9:58 बजे से शुरू होकर 1:26 बजे तक चलेगा। खास बात यह है कि इस दौरान चांद का रंग लाल हो जाएगा, जिसे Blood Moon कहा जाता है।
यह खगोलीय घटना करीब 82 मिनट तक चलेगी और दुनिया के लगभग 85 प्रतिशत हिस्से में दिखाई देगी।

लेकिन हर बार की तरह इस बार भी चंद्र ग्रहण को लेकर तरह-तरह की मान्यताएं और अंधविश्वास सामने आ रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 सबसे कॉमन मिथक और उनके पीछे का वैज्ञानिक सच...
मिथक: चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना हानिकारक है
सच: वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना बिल्कुल सेफ है। इसमें किसी तरह के चश्मे या फिल्टर की जरूरत नहीं होती। हां, सूर्य ग्रहण देखने के लिए सुरक्षा जरूरी है क्योंकि वह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।
मिथक: ग्रहण के दौरान खाना खाने से नुकसान होता है
सच: अब तक कोई वैज्ञानिक स्टडी यह साबित नहीं कर पाई है कि ग्रहण के दौरान खाना असुरक्षित है। चांद से कोई Radiation पृथ्वी पर नहीं आता।
मिथक: गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान बाहर निकलें तो बच्चे को धब्बे पड़ते हैं
सच: विज्ञान के अनुसार, इसका कोई प्रमाण नहीं है। बच्चे की शारीरिक बनावट और निशान केवल उसके DNA और विकास पर निर्भर करते हैं।
मिथक: ग्रहण के कारण भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं।
सच: ग्रहण का किसी भी प्राकृतिक आपदा से कोई संबंध नहीं है। यह सिर्फ सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की खगोलीय स्थिति के कारण होता है।
मिथक: ग्रहण अशुभ होता है और बदकिस्मती लाता है
सच: यह सिर्फ अंधविश्वास है। जब चांद लाल दिखता है तो लोग इसे बुरी किस्मत और सजा से जोड़ देते हैं। हकीकत में इसका न तो फसलों, न भाग्य और न ही जीवन पर कोई असर होता है।
Lunar Eclipse या Blood Moon एक शानदार खगोलीय घटना है जिसे लोग निहार सकते हैं। यह किसी भी तरह से हानिकारक या अशुभ नहीं है। विज्ञान साफ कहता है कि यह सिर्फ प्रकृति का अद्भुत नजारा है, जिसे डर नहीं बल्कि उत्साह के साथ देखना चाहिए।


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