ज्यादा MegaPixel मतलब ज्यादा बेहतर फोटो, झूठ है ये जानिए क्या है सच्चाई
जितना ज्यादा मेगापिक्सल उतनी अच्छी फोटो, स्मार्टफोन कैमरा हो या फिर कोई डिजिटल कैमरा मेगापिक्सल का नाम सुनते हैं हमारी बांछे खिल जाती है। भले ही हम अपने आप को फोटोग्राफी की दुनिया का तीसमार खां समझते हों लेकिन कैमरा अगर ज्यादा मेगापिक्सल का नहीं मिला तो सारा दोष कैमरे पर डाल देते हैं।

ऐसे फोटोग्राफरों और फोन खरीदने वालों से एक ही बात कहना चाहूंगा, ज्यादा मेगापिक्सल का मतलब ये नहीं है कि फोटो क्वालिटी भी ज्यादा अच्छी होगी। चलिए इसके बारे में थोड़ा विस्तार पूर्वक बातें करते हैं।
ज्यादा मेगापिक्सल से क्या फायदा है
जब भी हम टीवी या फिर अपने मोबाइल पर कोई फोटो देखते हैं तो वो कई छोटे-छोटे एलीमेंट से बनी हुई होती है। ढेर सारे एलीमेंट मिलकर एक तस्वीर बनाते हैं। इन्हीं एलीमेंट यानी बिंदुओं को हम पिक्सल कहते हैं अब ये एलीमेंट जितने ज्यादा होंगे हमारी फोटो उतनी की साफ और क्लियर व्यू देगी।

लेकिन इसके लिए अच्छी स्क्रीन का होना बेहद जरूरी है अच्छी स्क्रीन यानी वो स्क्रीन जिसका रेज्यूलूशन अच्छा हो, जितना अधिक रेज्यूलूशन होगा उतनी की साफ तस्वीर दिखाई देगी। कुल मिलाकर क्लियर व्यू के लिए अच्छे पिक्सल के साथ-साथ अच्छा रेज्यूलूशन भी होता चाहिए। तो अब अगली बार जब भी लैपटॉप या फिर मोबाइल फोन लेने जांए तो मेगापिक्सल के साथ-साथ डिवाइस का रेज्यूलूशन भी देखें।
क्या जरूरी है मेगापिक्सल या फिर कुछ और
ताली एक हाथ से नहीं बजती इसी तरह अच्छी क्वालिटी की फोटो के लिए मेगापिक्सल के सेंसर भी अच्छा होना चाहिए। यानी अगर आप कैमरा लेने जा रहे हैं तो मेगापिक्सल के साथ सेंसर की क्वालिटी और पॉवर भी चेक कर लीजिए। आपने कभी ध्यान दिया है एसएलआर में मेगापिक्सल स्मार्टफोन के बराबर ही होते हैं लेकिन फिर भी अगर आप फोन की फोटो और एसएलआर की फोटो बड़ी स्क्रीन में देखें तो अंतर साथ नजर आएगा।


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