Home
News

फर्जी कंटेंट बनाने वालों की खैर नहीं, Facebook ने कर ली नकेल कसने की तैयारी

Facebook पर फर्जी कंटेंट को रोकने के लिए मेटा एक नई पॉलिसी लेकर आ रहा है। आने वाले दिनों में कंपनी कुछ बड़े बदलाव प्लेटफॉर्म पर कर सकती है। कंपनी का मकसद असली कंटेंट क्रिएटर्स को फायदा पहुंचाना और स्पैमी कंटेंट पर लगाम लगाना है।

कंपनी को भरोसा है कि पॉलिसी में बदलाव करने से काफी हद तक फेसबुक पर फर्जी कंटेंट को रोकने में मदद मिलेगी। बीते कुछ सालों में फेसबुक की पॉपुलैरिटी में खूब इजाफा हुआ है, लेकिन स्पैम भी खूब होने लगे हैं। हाल के दिनों में देखा गया है कि यूजर्स को एक ही पोस्ट बार-बार दिखाई देती है।

फर्जी कंटेंट बनाने वालों की खैर नहीं

फर्जी कंटेंट पर लगेगी लगाम

ऐसे स्पैम करने वालों के द्वारा किया जाता है, उनके पास कुछ खास पेज होते हैं, जिन पर कॉपी कंटेंट पब्लिश किया जाता है। यह लोग असली क्रिएटर्स का कंटेंट चुराकर ऐसा करते रहते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए ही फेसबुक ने यह फैसला लिया है।

Unoriginal कंटेंट क्या है?

Unoriginal कंटेंट का मतलब उन वीडियो, फोटो या टेक्स्ट पोस्ट से है जो किसी अन्य क्रिएटर की अनुमति या क्रेडिट के बिना दोबारा इस्तेमाल किए जाते हैं। मेटा विशेष रूप से इस बात को लेकर गंभीर है जब बार-बार बिना किसी असली बदलाव या सुधार के कंटेंट को रीपोस्ट किया जाता है।

कंपनी को इस बात से आपत्ति नहीं है कि लोग दूसरों का कंटेंट रीशेयर करें, बशर्ते उसमें खुद की टिप्पणी, रिएक्शन या कोई क्रिएटिव बदलाव जोड़ा गया हो। लेकिन जो चीज मेटा के निशाने पर है वो है आलसी रीपोस्टिंग यानी जब कोई व्यक्ति बस किसी और का कंटेंट अपलोड कर देता है केवल व्यूज या फॉलोअर्स पाने के लिए, बिना कोई वैल्यू जोड़े।

-जो अकाउंट बार-बार Unoriginal कंटेंट पोस्ट करेंगे, उन्हें कुछ समय के लिए मनीटाइजेशन प्रोग्राम से बाहर कर दिया जाएगा।

-उनके कंटेंट की रीच को कम कर दिया जाएगा।

-डुप्लिकेट वीडियो कम लोगों को दिखाए जाएंगे ताकि असली क्रिएटर के वीडियो को ज्यादा विजिबिलिटी मिले।

-मेटा एक नया फीचर टेस्ट कर रहा है जिसमें रीपोस्ट किए गए कंटेंट पर असली स्रोत का लिंक जोड़ा जाएगा।

-अपने कंटेंट की पहुंच बढ़ाने के लिए टिप्स

-ऐसा कंटेंट पोस्ट करें जो आपने खुद बनाया या शूट किया हो।

-अगर आप किसी और का कंटेंट इस्तेमाल कर रहे हैं (उनकी अनुमति से), तो उसमें अपनी आवाज, कमेंटरी या अन्य बदलाव जरूर जोड़ें। सिर्फ क्लिप को जोड़ देना या वॉटरमार्क लगाना पर्याप्त नहीं है।

-बहुत छोटे वीडियो जो दर्शकों को कोई मूल्य नहीं देते, उनसे बचें।

-अन्य प्लेटफॉर्म से लिया गया वॉटरमार्क वाला या रिसायकल किया हुआ कंटेंट न डालें।

-कैप्शन को स्पष्ट और विषय से संबंधित रखें, अधिकतम पांच हैशटैग का इस्तेमाल करें और पूरा कैप्शन कैपिटल लेटर्स में न लिखें। असंबंधित लिंक से भी बचें।

मेटा का कहना है कि ये बदलाव अगले कुछ महीनों में धीरे-धीरे लागू किए जाएंगे। कंपनी ने कहा, फेसबुक एक ऐसा मंच बनना चाहता है जहां मौलिक कंटेंट फलता-फूलता है और क्रिएटर्स को उनकी मेहनत और क्रिएटिविटी का इनाम मिलता है।

 
Best Mobiles in India

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X